यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुगम और करदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के जीएसटी पॉलिसी विंग के कमिश्नर गौरव सिंह ने जानकारी दी है कि वित्त मंत्रालय 1 नवंबर से मासिक जीएसटी रिटर्न फॉर्म में प्रस्तावित संशोधनों पर कारोबारियों और उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित करेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर देनदारियों और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में होने वाले मिसमैच को कम करना और करदाताओं को गैर-जरूरी टैक्स नोटिसों से राहत दिलाना है। 1 नवंबर से 'मायगॉव' पोर्टल पर उपलब्ध होंगे संशोधित फॉर्म सीबीआईसी के वरिष्ठ अधिकारी गौरव सिंह के अनुसार, संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म को 1 नवंबर को सरकार के 'मायगॉव' (MyGov) पोर्टल पर सार्वजनिक परामर्श के लिए अपलोड किया जाएगा। देश भर के व्यवसायी, उद्योग संगठन और टैक्स पेशेवर 1 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक इस पर अपने सुझाव व टिप्पणियां दर्ज करा सकेंगे। इसके साथ ही, जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णयों से जुड़ी अधिसूचनाएं और परिपत्र भी जल्द सार्वजनिक जारी कर दिए जाएंगे। 57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में लिए गए फैसले जीएसटी काउंसिल ने मासिक टैक्स भुगतान फॉर्म GSTR-3B में रिपोर्ट किए गए ब्योरे के साथ बेहतर मिलान सुनिश्चित करने के लिए कई फॉर्मों में सुधार व संवर्धन को मंजूरी दी है। जिसके तहत बाहरी आपूर्ति (Outward Supplies) का विवरण देने वाले मासिक फॉर्म GSTR-1, फॉर्म GSTR-1 में संशोधन या छूट गए ब्योरे को जोड़ने की सुविधा देने वाले GSTR-1A, तथा क्यूआरएमपी योजना के तहत करदाताओं के लिए चालान प्रस्तुत करने की सुविधा देने वाले IFF (Invoice Furnishing Facility) में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। आईटीसी विसंगतियों से मुक्ति और फर्जी दावों पर रोक फॉर्म GSTR-1/1A/IFF के डेटा का GSTR-3B के साथ सटीक मिलान होने से फर्जी आईटीसी दावों पर प्रभावी रोक लगेगी। इसके अलावा, कर देनदारियों और इनपुट टैक्स क्रेडिट में विसंगतियां दूर होने से ईमानदार करदाताओं को बार-बार मिलने वाले स्क्रूटनी नोटिस से स्थायी मुक्ति मिलेगी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। जीएसटी ऑडिट प्रक्रिया में किया जाएगा सुधार मौजूदा व्यवस्था में एक से अधिक राज्यों में काम करने वाली कंपनियों को कई बार अलग-अलग राज्यों के जीएसटी अधिकारियों द्वारा बहुस्तरीय ऑडिट (Multiple Audits) प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सीबीआईसी इस प्रशासनिक दबाव और दोहरेपन को समाप्त करने के लिए ऑडिट प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर काम कर रहा है, ताकि करदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। कब से लागू होंगे नए जीएसटी रिटर्न फॉर्म? सार्वजनिक परामर्श की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, ये संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म 1 अप्रैल, 2027 से पूरे देश में लागू किए जाएंगे। यह समयसीमा कारोबारियों और आईटी सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को नए रिपोर्टिंग सिस्टम के अनुसार अपनी लेखा प्रणाली (Accounting System) में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने का पर्याप्त अवसर प्रदान करेगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Delhi: क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव और आशुतोष; कल ही तिहाड़ जेल से हुए थे रिहा ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]