Mon, Jun 8th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

जी एग्जाम घोटाला:आरोपियों ने हैक किए गैजेट्स, परीक्षा केंद्र पर था ‘कब्जा, सीबीआई ने जांच में किए बड़े खुलासे

by Raju Chaurasia • September 4, 2021
Advertisement
Ad

नई दिल्ली। सीबीआई को जॉइंट इंजीनियरिंग मेन एग्जाम घोटाले को लेकर चल रही जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जांच एजेंसी ने पाया है कि महज एक कंप्यूटर नहीं, बल्कि पूरा परीक्षा केंद्र ही साजिशकर्ताओं के निशाने पर हो सकता है। आरोप है कि साजिशकर्ता पैसों के बदले में रिमोटली (इंटरनेट के जरिए अन्य यूजर के कंप्यूटर के इस्तेमाल की अनुमति हासिल कर या कहीं दूर बैठकर) छात्रों की परीक्षा देते थे। सीबीआई अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर मौजूद गैजेट्स के भी हैक होने की आशंका जताई है।

हरियाणा के सोनिपत में एक परीक्षा केंद्र भी जांच एजेंसी के रडार पर है और सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यूज18 से बातचीत में सीबीआई अधिकारी ने बताया, ‘एक मामले में हरियाणा में सोनीपत के एक परीक्षा केंद्र का नाम सामने आया है। यहां कंप्यूटर्स को रिमोट तरीके से एक्सपर्ट्स के जरिए नियंत्रित किया जा रहा था। ये जानकार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद होते थे।

सूत्रों के अनुसार, जिन संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है उन्होंने सीबीआई को बताया कि देशभर में मौजूद छात्रों से अपनी पसंद का एग्जाम सेंटर चुनने के लिए कहा गया था. एक सूत्र ने बताया, ‘भले ही एक अभ्यर्थी महाराष्ट्र में हो, उसे परीक्षा केंद्र के तौर पर सोनीपत चुनने के लिए कहा गया था. हमने यहां छापा मारा है और स्टाफ से पूछताछ जारी है।’ हर उम्मीदवार को बदले में 12 से 15 लाख रुपयों की मांग की जाती थी। उनकी परीक्षा कोई और लिखता था और साजिशकर्ताओं की तरफ से अच्छा परीक्षा परिणाम आने का भरोसा दिया जाता था।

प्रश्न पत्र को सुलझाने में मदद करने वाले एक एक्सपर्ट की जानकारी जमशेदपुर में मिली है. इसके अलावा इस मामले को लेकर के बेंगलुरु और इंदौर के केंद्रों पर भी छापामार कार्रवाई की गई है। परीक्षा से जुड़े लेनदेन के मामले में सीबीआई हवाला चैनल की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने जानकारी कि का एक निदेशक अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। साथ ही Affinity के सिद्धार्थ कृष्ण, विश्वंभर मणि त्रिपाठी और गोविंद वर्शाने को जांच के दायरे में रखा गया है।

गुरुवार को सीबीआई की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि इस मामले में 1 सितंबर को शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद दिल्ली, एनसीआर, पुणे और जमशेदपुर के 20 ठिकानों पर रेड की गई थी। सीबीआई के छापों में 25 लैपटॉप, 7 कंप्यूटर, बाद की तारीखों के 30 चैक, बड़ी संख्या में दस्तावेज और अलग-अलग छात्रों की पीडीसी मार्कशीट समेत कई उपकरण बरामद किए गए हैं।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.