यूनिक समय, लखनऊ। आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूपुर गांव में एक सिरफिरे शख्स ने पूजा-पाठ के दौरान हुए विवाद में अपनी पत्नी, दो पुजारियों और 9 साल के मासूम बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। चार लोगों की हत्या करने के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बनाकर बैठ गया। करीब सात घंटे चले हाई-वोल्टेज ड्रामे, स्टन ग्रेनेड और टियर गैस के इस्तेमाल के बाद पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में आरोपी भी मारा गया। पूजा-पाठ और आधार कार्ड मांगने पर शुरू हुआ विवाद पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अरविंद सिंह अपने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति के लिए घर में कराई जा रही 'नारायणी बलि पूजा' का लगातार विरोध कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद परिजनों ने पूजा आयोजित की थी। मंगलवार शाम जब अरविंद बाजार से लौटा तो उसने घर में पूजा करा रहे पंडितों से उनका पहचान पत्र (आधार कार्ड) मांगना शुरू कर दिया, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर अरविंद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उसकी पत्नी बबीता सिंह, पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। स्टन ग्रेनेड और एनकाउंटर तीन लोगों की हत्या करने के बाद आरोपी ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। घटना की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसओजी टीम और कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, तथा करीब 7 घंटे तक पुलिस आरोपी से बच्चों को सुरक्षित छोड़ने और आत्मसमर्पण करने की लगातार अपील करती रही। बातचीत के दौरान ही अचानक कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल करते हुए दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस टीम के अंदर दाखिल होते ही अरविंद ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में आरोपी अरविंद सिंह घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 9 वर्षीय बेटे की भी मौत, दो बच्चियों को सुरक्षित बचाया पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार कमरे के अंदर आरोपी अरविंद का 9 वर्षीय बेटा शौर्य सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था, जिसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। वहीं पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कमरे से 10 वर्षीय बेटी परी और छह माह की मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। परिजनों के अनुसार अरविंद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी, और फिलहाल पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: वृंदावन में फर्जी साधु पर महिलाओं का फूटा गुस्सा, लाठी-डंडों से पीटा; शारीरिक शोषण और ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]