यूनिक समय, नई दिल्ली। विश्व प्रसिद्ध पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुरू होते ही शिव भक्तों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इस साल केवल 57 दिनों तक चलने वाली यह पावन यात्रा आगामी 3 जुलाई से शुरू हुई थी, लेकिन यात्रा शुरू होने के महज तीन दिनों के भीतर ही पवित्र गुफा में बनने वाले हिमलिंग का आकार तेजी से घट गया है। सोमवार को बाबा बर्फानी की जो ताजा तस्वीर सामने आई है, उसमें पवित्र शिवलिंग का आकार घटकर अब केवल एक फीट ही रह गया है। हालांकि, इस सबके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है और देश-विदेश से भारी संख्या में शिव भक्त बाबा के दर्शन के लिए लगातार पहुँच रहे हैं। 90 फीसदी गायब हुए बाबा बर्फानी अमरनाथ गुफा से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने जो शुरुआती तस्वीरें जारी की थीं, उस समय शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट का एक भव्य रूप लिए हुए था। इसके बाद, 29 जून को यात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले हुई 'प्रथम पूजा' के दिन भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से अधिक मापी गई थी। लेकिन अब, 6 जुलाई को सामने आई नई तस्वीरों ने सबको हैरान कर दिया है, क्योंकि पवित्र हिमलिंग अपने मूल आकार से लगभग 90 प्रतिशत तक पिघल कर गायब हो चुका है। मौसम वैज्ञानिक इसके पीछे पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान और मानवीय गतिविधियों के प्रभाव को मुख्य कारण मान रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हिमलिंग के तेजी से पिघलने की खबरों के बीच भी अमरनाथ गुफा में मत्था टेकने वाले श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। पिछले 3 दिनों के भीतर ही 56 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के सफल दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2025 की तुलना में 18.6 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है, जहाँ शुरुआती तीन दिनों में 47,972 श्रद्धालु पहुँचे थे। इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अब तक करीब 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया है। वर्तमान में यात्री 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक नुनवान-पहलगाम रूट और 14 किलोमीटर वाले छोटे लेकिन बेहद कठिन बालटाल मार्ग से लगातार गुफा की ओर बढ़ रहे हैं। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर समाप्त होगी। 9 जुलाई तक के सभी स्लॉट फुल अमरनाथ यात्रा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने एक अहम गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन के सीधे अमरनाथ पहुँच रहे यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दें। अधिकारियों के मुताबिक, आगामी 9 जुलाई तक यात्रा के सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई भी यात्री बिना वैध परमिट के बालटाल या पहलगाम रूट से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा, तो उसे सुरक्षा चेक पॉइंट्स पर ही रोक दिया जाएगा। रविवार से केवल उन्हीं यात्रियों को कश्मीर घाटी की ओर बढ़ने की अनुमति दी जा रही है जिनके पास तय तारीख का रजिस्ट्रेशन कार्ड मौजूद है। पहाड़ी रास्तों पर जवानों का कड़ा पहरा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए अमरनाथ यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान मुस्तैदी से तैनात हैं। पहलगाम और बालटाल दोनों ही रूटों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की माउंटेन रेस्क्यू टीम (MRT) के जांबाज अधिकारी ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे बुजुर्ग और अस्वस्थ तीर्थयात्रियों को तत्काल मेडिकल ऑक्सीजन देकर उनका जीवन बचा रहे हैं। इसके साथ ही, खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग पर बेस कैंप से स्थानीय पोर्टर (मजदूर) और खच्चर संचालक यात्रियों को पालकी व घोड़ों के जरिए सुरक्षित गुफा तक पहुँचाने के काम में दिन-रात जुटे हुए हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Maharastra: भारी बारिश से थम गई मुंबई की रफ्तार; कर्जत-लोनावला के बीच लैंडस्लाइड से मुंबई-पुणे रेल रूट ठप; IMD का रेड अलर्ट ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]