
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार के राज्यपाल, आरिफ मोहम्मद खान ने वक्फ संशोधन बिल पर बयान देते हुए इसे सुधार की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में बदलाव की जरूरत थी, और अब यह बिल संसद से पास होकर जल्द ही कानून का रूप ले लेगा। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह भी कहा कि पटना में कई वक्फ संपत्तियां हैं, लेकिन इन संपत्तियों का उपयोग समाज की भलाई के लिए नहीं हो रहा है, जैसे कि अस्पताल, स्कूल, या अनाथालय बनाने में।
राज्यपाल ने वक्फ प्रॉपर्टी के इस्तेमाल को लेकर अपनी बात स्पष्ट की, यह केवल मुस्लिम समुदाय के लिए नहीं है, बल्कि यह सभी गरीब और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए है। उन्होंने कुरान की आयतों का हवाला देते हुए वक्फ का असल उद्देश्य बताया। आरिफ मोहम्मद खान ने यह भी कहा कि जब वे उत्तर प्रदेश में मंत्री थे, तो उन्होंने वक्फ विभाग का कार्यभार संभाला था और तब उन्हें वक्फ संपत्तियों से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियां जनकल्याण के लिए थीं, लेकिन इनका उपयोग अब तक उस उद्देश्य के लिए नहीं हुआ है। पटना में वक्फ संपत्तियों के होते हुए भी कोई बड़ा अस्पताल या अनाथालय नहीं बना। इसलिए, वक्फ सुधार विधेयक की जरूरत थी और यह विधेयक अब कानून बनने की ओर बढ़ रहा है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को मुस्लिम विरोधी बताने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह विधेयक शिया, सुन्नी समेत सभी मुस्लिम समुदायों को एकजुट करने के उद्देश्य से है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार देश में सबसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय, पारसी, के अधिकारों की रक्षा के लिए भी काम कर रही है।
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