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जिला पंचायत अध्यक्ष पर भाजपा का कब्जा, किशन सिंह ने 22 वोट पाकर जीत हासिल की

by यूनिक समय • July 3, 2021
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महेश वार्ष्णेय
मथुरा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी किशन सिंह ने कब्जा कर लिया। कलेक्टेÑट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी किशन सिंह ने 22 वोट पाकर जीत हासिल की तो राष्टÑीय लोकदल प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार को 11 वोटों के साथ पराजय का मुंह देखना पड़ा। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने परिणामों की घोषणा के बाद भाजपा प्रत्याशी किशन सिंह को प्रमाण पत्र दे दिया।

 


सुबह से कलेक्टेÑट परिसर के बाहर काफी गहमागहमी दिखाई दे रही थी। भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने डेरा डाल दिया था। मतदान के दौरान मतगणना स्थल से बाहर निकलकर आए रालोद प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार के एक बयान के बाद रालोद कार्यकर्ता भड़क गए। नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल सिंह, वरिष्ठ नेता रविंद्र नरवार एवं प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार ने भाजपा पर आरोप लगाने शुरु कर दिए। खुले आम आरोप लगाया कि धांधली कर चुनाव जिताने की कोशिश की गई। हंगामा की खबर पाकर एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर बाहर आए। उन्होंने बिगड़ती स्थिति को नियंत्रण में किया।
हालांकि मतदान के दौरान भाजपा नेताओं के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दे  रही थी। परिणाम आने से पहले प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, उप्र व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत  गर्ग , जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, महानगर अध्यक्ष विनोद अग्रवाल समेत कई नेताओं ने जीत की विक्ट्री में फोटो खिंचवाकर जीत का संकेत दे दिया था।

गौरतलब है कि जिला पंचायत के 33 सदस्य हैं। इनमें बसपा समर्थित  13 सदस्य चुनाव जीते थे। भाजपा और रालोद को आठ-आठ सीट मिली थी। सपा का एक सदस्य जीता था। तीन निर्दलीय सदस्य थे। 13 सीट जीतकर बसपा ने अपने आपको चुनाव से दूर कर लिया था। चुनाव की तस्वीर में भाजपा और रालोद आमने सामने आ गए।

डीएम ने कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए
मथुरा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। जिला मुख्यालय परिसर को एक जोन और चार सेक्टरों में बांटकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान लगाए। चुनाव संबंधी हर गतिविधि पर ड्रोन से नजर रखी गई थी।

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