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जन्माष्टमी पर ब्रजभूम‍ि भक्‍त‍ि में हुई सराबोर

by यूनिक समय • September 7, 2023
janmashtami 2023

जन्माष्टमी पर ब्रजभूम‍ि भक्‍त‍ि में हुई सराबोर

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यूनिक समय। अब वह क्षण आने वाला है, जिसका ब्रजवासियों को पूरे वर्ष इंतजार रहता है। गुरुवार को ब्रज में पालनहार कान्हा का जन्म होगा। अजन्में के जन्म की खुशी में लीलाभूमि को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

हर ओर उल्लास पसरा है। हर चेहरे पर कान्हा के स्वागत की दमक है। मथुरा जन्मस्थान से लेकर घर-घर कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही है।

कहीं पकवान बनाए जा रहे हैं, कहीं मंदिरों को सजाया जा रहा है। मथुरा के मठ मंद‍िरों में तीन दिवसीय उत्सव बुधवार से प्रारंभ हो गया है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह भंडारे लगाकर प्रसाद बांटा गया।

रात 12 बजे होगा श्री कृष्ण का जन्म -janmashtami 2023

अजन्मे के जन्म का उत्सव मनाने को देश और विदेश से लोग ब्रज पहुंच गए। गुरुवार को रात 12 बजे शंखनाद के बीच कान्हा का जन्म होगा। बाजारों से लेकर घरों तक  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी  की रौनक छाई है। बुधवार को दिन भर मंदिरों को सजाया गया और घरों में साफ-सफाई की गई।

जन्मोत्सव पर कान्हा और उनकी लीलाभूमि के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।

पर्यटन विभाग ने 25 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है, लेकिन बुधवार को ब्रज में आई भीड़ से ये अनुमान है कि ये आंकड़ा पार कर जाएगा।

मथुरा समेत पूरे जिले में गुरुवार को जन्मोत्सव मनाया जाएगा, लेकिन नंदगांव में शुक्रवार को जन्म का उत्सव होगा। वहां रक्षाबंधन के बाद गोपद गणना से जन्म उत्सव मनाया जाता है। शुक्रवार को नंदोत्सव मनेगा। इसमें उपहार लुटाए जाएंगे। कान्हा के स्वागत के लिए जिला प्रशासन ने भी पूरी तैयारी की हैं।

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60 बरस की उम्र में हरियाणा के हिसार निवासी भगवान दास कान्हा की नगरी में आए हैं। वह पहली बार यहां ठाकुर के दर्शन करने आए हैं। चार किमी पैदल चलकर पूरे शहर घूमा। पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उत्साह कम नहीं। बोले, मुरलीवाले के दर्शन करने आए हैं।

भगवान दास जैसे लाखों श्रद्धालु ऐसे हैं, जो कान्हा के घर उनके जन्माष्टमी के उत्सव में शामिल होने पहुंचे, लेकिन मथुरा के होटल और गेस्ट हाउस में रहने की क्षमता नहीं थी। लेकिन कान्हा से ऐसी प्रीत लगी कि सड़कों के फुटपाथ, डिवाइडर जिसे जहां जगह मिली, वहीं लेट गया। उचित जगह की तलाश कर वहीं सो जा रहा है।

राधारमण मंदिर में सुबह नौ बजे मनाया जायेगा जन्मोत्सव।

राधारमण मंदिर में गुरुवार को सुबह नौ बजे कान्हा का जन्मोत्सव मनेगा। इसके पीछे मान्यता ये है कि राधारमण लालजू के श्रीविग्रह का प्राकट्य दिन में हुआ था। इसलिए यहां दिन में जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसी तरह सप्त देवालय में शामिल राधा दामोदर मंदिर और गोकुलानंद मंदिर में भी दिन में कान्हा का अभिषेक होगा। वर्जन

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