Wed, Jun 17th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

ईडी ने किया बड़ा खुलासा: पूर्व गृहमंत्री बर्खास्त एपीआई वझे से लिए थे 4.6 करोड़ नोटों से भरे 15 बैग

by Raju Chaurasia • September 17, 2021
Advertisement
Ad

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने एक नया चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि देशमुख ने एंटीलिया केस में बर्खास्त API सचिन वझे को अपनी निज सहायक कुंदन शिंदे को 4.6 करोड़ रुपयों से भरे 16 बैग देने को कहा था। ये बैग राजभवन के पास दिए गए। ED की एक विशेष पीएमएलए कोर्ट में दायर चार्जशीट में इसका खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि देशमुख के आदेश पर ही वझे ने यह वैसा कई कारोबारियों से वसूला था। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि अनिल देशमुख ने सचिन वझे को सेवा में बहाल करने के लिए 2 करोड़ रुपए मांगे थे।

चार्जशीट में कई कंपनियों के नाम शामिल
ED ने इस चार्जशीट में कई कंपनियों को आरोपी बनाया है। इनमें कुछ शैक्षणिक संस्थानों को चलाने वाले एक ट्रस्ट और नवी मुंबई की एक कंपनी भी शामिल है। यह कई कई सौ करोड़ की संपत्ति रखती है। इसके मालिक अनिल देशमुख के परिवार के लोग ही हैं। ED ने देशमुख के प्राइवेट सेक्रेटरी संजीव पलांडे और पीए शिंदे के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की है। दोनों अभी जेल में बंद हैं। ED ने कोर्ट को बताया कि अनिल देशमुख और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ जांच जारी है। जैसे ही जांच पूरी होगी, बाकी लोगों के खिलाफ भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

लटक रही गिरफ्तारी की तलवार
ED ने कोर्ट को बताया कि अनिल देशमुख कई महीनों तक ईडी के समन से बचते रहे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार देशमुख जल्द गिरफ्तार भी हो सकते हैं। देशमुख ने अप्रैल में महाराष्ट्र के गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

पूर्व पुलिस कमिश्नर ने लगाए थे 100 करोड़ की वसूली के आरोप
अनिल देशमुख पर मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया कि इसके लिए देशमुख ने पुलिस अधिकारियों पर दवाब बनाया। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच कर रही है। ईडी ने देशमुख के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। परमबीर सिंह को मुकेश अंबानी के घर के बार विस्फोटक से लदी एक एसयूवी मिलने के मामले में संदिग्ध भूमिका के चलते हटाया गया था। इसके बाद सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने एंटीलिया केस के आरोपी तत्कालीन एएसआई सचिन वझे को शहर के बार और रेस्तरां से हर महीने 100 करोड़ रुपए वसूलने को कहा था।

देशमुख की कहानी
नागपुर जिले में काटोल के पास वाडविहिरा गांव के रहने वाले देशमुख ने 70 के दशक सेराजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने सबसे पहले चुनाव 1992 में जिला परिषद का चुनाव जीता था। इसके बाद वह पहली बार 1995 में निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने बीजेपी को समर्थन दिया। राज्य में शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन की सरकार बनी और देशमुख को स्कूली शिक्षा और सांस्कृतिक मंत्री बना दिया गया। अभी 70 साल के देशमुख अभी महाविकास आघाड़ी गठबंधन सरकार में गृहमंत्री हैं। वह राष्टवादी कांग्रेस पार्टी यानि NCP के नेता हैं।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.