यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी आंतरिक कलह पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 18 सितंबर को एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिह्न पर दोनों गुटों के दावों के बीच चुनाव आयोग ने टीएमसी के पुराने नाम और प्रतीक चिह्न को फ्रीज कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने दोनों पक्षों को आगामी उपचुनावों के लिए अलग-अलग नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। दोनों गुटों को मिले नए नाम और चुनाव चिह्न चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, दोनों धड़ों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त दल के रूप में स्वीकार किया गया है। आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम और "फुटबॉल प्लेयर" का चुनाव चिह्न प्रदान किया है। इसके साथ ही दूसरे धड़े, यानी अरूप रॉय व ऋतब्रत बनर्जी गुट, को "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" नाम आवंटित किया गया है और उनका चुनाव चिह्न "लिफाफा" तय किया गया है। आगामी उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा आयोग के आदेश के बाद दोनों राजनीतिक दलों ने आगामी उपचुनावों के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की स्थिति स्पष्ट कर दी है। डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस की ओर से रेजीनगर विधानसभा सीट से सफीउज्जमान शैख और नंदीग्राम सीट से एहतेशमुल हक को मैदान में उतारा गया है। दूसरी ओर, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की तरफ से रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी, नंदीग्राम सीट से संचिता प्रधान और नगांव लोकसभा सीट से अब्दुल सलाम प्रत्याशी बनाए गए हैं। 'असली तृणमूल' के दावे को लेकर बढ़ा था विवाद यह फैसला निर्वाचन आयोग द्वारा ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद आया है, जिसमें अरूप रॉय, चंद्रिमा भट्टाचार्य, अखरुज़्ज़मान और रिजु दत्ता शामिल थे। उल्लेखनीय है कि अप्रैल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद लगभग 60 नवनिर्वाचित विधायकों के समूह ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से दूरी बना ली थी। इसके बाद से ही दोनों गुट स्वयं को 'असली तृणमूल कांग्रेस' बताते हुए पार्टी के आधिकारिक अधिकार और मान्यता के लिए कानूनी व प्रशासनिक स्तर पर प्रयासरत थे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: 19 वर्षों से बंद पड़ी छाता चीनी मिल का बजट पास; चौमुहां में कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का हुआ भव्य स्वागत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]