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बदनामी के डर से छात्रा ने खाया विषाक्त, एक महिला और दो युवकों ने किया विवश

by यूनिक समय • December 25, 2022
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बदनामी के डर से छात्रा ने खाया विषाक्त, एक महिला और दो युवकों ने किया विवश

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यूनिक समय, मथुरा। थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित गली कसेरान (मंडी रामदास) में एक महिला और दो युवकों ने एक किशोरी का इस कदर टार्चर किया कि उसने दो दिन पूर्व विषाक्त खा लिया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार गली कसेरान में रहने वाले एक स्वर्णकार की 17 वर्षीय पुत्री को उसके घर में रहने वाली एक विवाहिता और इसी क्षेत्र में रहने वाले दो युवकों ने अपने जाल मे फंसा कर ब्लैक मेल करना शुरू कर दिया। किशोरी का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर तीनों ने उसे गलत काम करने को मजबूर कर दिया। दो सालों से इस पीड़ा को झेल रही किशोरी ने करीब दस दिन पूर्व हिम्मत जुटा कर अपने साथ होने वाले अत्याचार के बारे में घर वालों को बता दिया। घर वालों ने युवकों और महिला को ऐसा करने से मना किया। इस पर उन्होंने किशोरी के वीडियो वायरल कर दिए। दो दिन पूर्व किशोरी ने मानसिक पीड़ा से परेशान होकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजनों को जब इस बात का पता लगा तो वह उसे तुरंत हास्पीटल ले गए। कई जगह इलाज कराने के बाद उसकी हालत में सुधार न होने पर उसे सिटी हास्पीटल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में किशोरी के पिता ने पुलिस में लिखित तहरीर दी है।

इन युवकों द्वारा किशोरी को करीब दो साल से तंग किया जा रहा था। किशोरी के पिता ने पोस्टमार्टम पर रोते हुए बताया कि इन युवकों द्वारा बेटी को परेशान किया जा रहा था। इसके चलते उसने कक्षा नौ से पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद उसकी मां भी काफी बीमार रही। पढ़ाई छोड़ने के बाद भी इन युवकों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। उसके घर में रहने वाली एक महिला ने भी इसमें उन युवकों का साथ दिया। यह लोग उसे ब्लैकमेल कर गलत काम कराने को मजबूर करते रहे। वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देते रहे। परिवारिक बदनामी के चलते बेटी कुछ बता नहीं पाई।

पापा मुझे बचा लो…

पापा मुझे बचा लो…पापा मुझे बचा लो। बेटी के अस्पताल में मरने से पहले कहे गए ये शब्द उसके कानों में लगातार गंूज रहे हैं। लाख कोशिश करने और कर्ज लेकर इलाज कराने के बाद भी मैं अपनी बेटी को नहीं बचा पाया। जिन लोगों की वजह से तुम्हारी बेटी की जो हालत हुई है उन्हें पापा छोड़ना नहीं। पापा मुझे बचा लो। परिवार की बदनामी के डर से जो पिता इन लोगों से कुछ कह नहीं पा रहा था। पोस्टमार्टम पर रो-रोकर इन बातों को बता रहा था।

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