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India News: आरबीआई ने केंद्र सरकार को दिया रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड

by Tarun Bhardwaj • May 22, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था और भारतीय वित्तीय जगत के लिए एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का लाभांश (डिविडेंड) देने का बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर (अधिशेष हस्तांतरण) माना जा रहा है। आरबीआई के इस ऐतिहासिक फैसले से भारत सरकार को ऐसे नाजुक समय में एक अभूतपूर्व आर्थिक ताकत मिलेगी, जब पूरी दुनिया भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।

आरबीआई का यह दूरगामी फैसला भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

लगातार तीसरे साल बनाया नया रिकॉर्ड

आरबीआई द्वारा सरकार को दिए जाने वाले डिविडेंड के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें हर साल एक बड़ी और निरंतर प्रगति देखने को मिल रही है, जिसके तहत लगातार तीसरे साल एक नया रिकॉर्ड कायम हुआ है। केंद्रीय बैंक ने जहाँ वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार को ₹2.1 लाख करोड़ का सरप्लस ट्रांसफर किया था, वहीं पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा और बढ़कर ₹2.69 लाख करोड़ तक पहुंच गया था। इस बार वित्त वर्ष 2025-26 में पिछले सारे रिकॉर्ड्स को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए यह राशि ₹2.87 लाख करोड़ के जादुई आंकड़े पर पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। डिविडेंड की इस बंपर राशि ने सरकार की राजकोषीय स्थिति को उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है, जिसके चलते देश के बड़े आर्थिक विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि इस भारी-भरकम रकम का इस्तेमाल सरकार देश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न आर्थिक विकास परियोजनाओं को गति देने में बेहद आसानी से कर सकती है।

आरबीआई की कमाई में जबरदस्त उछाल

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मजबूत वित्तीय सेहत का ब्योरा देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसकी खुद की नेट इनकम (शुद्ध आय) में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में आरबीआई की नेट इनकम बढ़कर करीब ₹3.96 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है, जो कि इसके ठीक पिछले साल महज ₹3.13 लाख करोड़ थी। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक की कुल बैलेंस शीट का आकार भी सालाना आधार पर 20% से ज्यादा की शानदार बढ़त के साथ लगभग ₹92 लाख करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया है, जो यह साफ दर्शाता है कि भारतीय बैंकिंग और केंद्रीय रिजर्व प्रणाली आंतरिक रूप से कितनी मजबूत और सुरक्षित है।

आर्थिक जानकारों के मुताबिक सरकार की झोली में आने वाली यह बड़ी रकम देश की पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी बूटी की तरह काम करेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी और देश के बाजार पर बेहद सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा। इस बंपर सरप्लस मनी के मिल जाने से केंद्र सरकार पर बाजार से नया कर्ज लेने का दबाव काफी कम हो जाएगा, जिससे देश के वित्तीय घाटे को तय बजट के दायरे में और पूरी तरह कंट्रोल रखने में सरकार को बहुत बड़ी मदद मिलेगी। सबसे खास बात यह है कि इस अतिरिक्त वित्तीय ताकत के हाथ में आ जाने से सरकार को आम जनता पर किसी भी प्रकार का नया टैक्स बढ़ाए बिना ही विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं पर खुलकर खर्च करने का एक मजबूत एक्स्ट्रा बैकअप मिल गया है।

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