यूनिक समय, मथुरा। जिले के थाना रिफाइनरी पुलिस ने नकली नोटों के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से बच्चों के खेलने वाले 'मनोरंजन बैंक ऑफ इंडिया' के करीब 31 लाख रुपये के नोट, 32 हजार रुपये असली नकदी, एक स्विफ्ट कार, लैपटॉप, अवैध चाकू और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुक्रवार को एसपी क्राइम श्वेता यादव ने प्रेसनोट के माध्यम से इस पूरी ठगी की कार्यप्रणाली का खुलासा किया। बरेली हाईवे अंडरपास के पास से हुई गिरफ्तारी एसपी क्राइम श्वेता यादव के अनुसार, थाना रिफाइनरी पुलिस टीम को गुरुवार रात करीब 9:13 बजे मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त हुई थी। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरेली हाईवे अंडरपास पर कोयला अलीपुर की तरफ जाने वाले कट के पास घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम ने मौके से तीन आरोपियों को सफलतापूर्वक हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लवकुश (निवासी गणेशपुरम कॉलोनी, थाना हाईवे, मथुरा), ब्रजमोहन उर्फ इक्का उर्फ बिरजू (निवासी कृष्णा धाम कॉलोनी, थाना रिफाइनरी, मथुरा) और अनिल (निवासी ग्राम कुंवरपुर, थाना सादाबाद, हाथरस) के रूप में हुई है। गाजियाबाद के व्यक्ति से हुई ठगी की शिकायत से खुला राज पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए संपर्क में आए कुछ लोगों ने उससे चार किलो चांदी और एक लाख रुपये की ठगी कर ली है। जब पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की, तो शिकायतकर्ता के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। जिस स्थान/दुकान पर चांदी की जांच कराने की बात कही गई थी, वहां पड़ताल करने पर नमकीन की दुकान पाई गई। इसके अलावा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर भी चांदी लाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे पुलिस का शक गहरा गया और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर गिरोह का पर्दाफाश हुआ। ठगी का सनसनीखेज तरीका गहन पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने ठगी की अपनी पूरी कार्यप्रणाली (मोडस ऑपरेंडी) का खुलासा किया। इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार राजस्थान के अलवर निवासी 'लाला' नामक व्यक्ति था, जो व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए अधिक मुनाफा कमाने की चाह रखने वाले लोगों को चिन्हित कर मथुरा भेजता था। जब पीड़ित मथुरा पहुंचता, तो आरोपी विश्वास कायम करने के उद्देश्य से उसे नमूने के तौर पर एक असली भारतीय मुद्रा का नोट दिखाते थे। सौदा तय हो जाने पर आरोपी गड्डियों के ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर बीच में 'मनोरंजन बैंक' (चिल्ड्रन बैंक) के नोट रख देते थे और रकम प्राप्त कर मौके से फरार हो जाते थे। ठगी से प्राप्त कुल राशि का आधा हिस्सा अलवर निवासी लाला का सहयोगी ले जाता था, जबकि शेष राशि को लवकुश, ब्रजमोहन और अनिल आपस में विभाजित कर लेते थे। अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस पूछताछ के दौरान गिरोह में शामिल तीन अन्य सदस्यों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इनकी पहचान सचिन (निवासी टप्पल, अलीगढ़), लाला (निवासी अलवर, राजस्थान) और एक अन्य अज्ञात सहयोगी के रूप में हुई है। रिफाइनरी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। वहीं, फरार चल रहे सचिन, लाला और उनके तीसरे साथी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Vrindavan: प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम के बाहर परिजन का धरना; 3 महीने से लापता बेटे अनुज की वापसी की मांग ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]