यूनिक समय, नई दिल्ली। कर्नाटक के सियासी गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चल रही कयासबाजियों पर विराम लगाते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने गुरुवार को बेंगलुरु स्थित लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा आधिकारिक तौर पर सौंप दिया। कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के बाद राज्य में यह बड़ा नेतृत्व परिवर्तन किया गया है, जिसके तहत अब डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री (उत्तराधिकारी) के रूप में कमान संभालेंगे। राज्यपाल की अनुपस्थिति में सचिव को सौंपा इस्तीफा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जब इस्तीफा देने लोकभवन पहुंचे, तो राज्यपाल थावरचंद गहलोत वहां मौजूद नहीं थे। कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव, प्रभु शंकर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा प्राप्त कर लिया है। हालांकि, राज्यपाल के वापस आने के बाद ही इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस समय निजी कारणों से मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित अपने गृह नगर नागदा गए हुए हैं। लोकभवन के अधिकारियों के मुताबिक, राज्यपाल की अनुपस्थिति में सचिव को इस्तीफा सौंपना पूरी तरह से वैध है और राज्यपाल वापस लौटकर इसकी पुष्टि करेंगे। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बाद में राज्यपाल सिद्धारमैया को व्यक्तिगत रूप से भी बुला सकते हैं। इस्तीफे के बाद बोले सिद्धारमैया पद छोड़ने के तुरंत बाद सिद्धारमैया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अपने फैसले की वजह साफ की। उन्होंने कहा, "मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिव को सौंप दिया है। मैंने हमेशा कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों का पालन किया है और मुझसे इस बार इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। मैंने हाईकमान से पहले ही कह दिया था कि मैं गुरुवार को इस्तीफा दे दूंगा और आज मैंने अपना वादा पूरा कर दिया है।" उन्होंने आगे कहा कि संविधान के प्रावधानों के मुताबिक, राज्यपाल के वापस आने पर उन्हें यह इस्तीफा स्वीकार करना होगा। सोनिया, राहुल और खरगे का जताया आभार भावुक क्षणों के बीच सिद्धारमैया ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और एआईसीसी (AICC) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद देते हुए कहा, "मेरे लिए देश का संविधान ही सबसे बड़ा धर्म है। जब से मैं कांग्रेस पार्टी में शामिल हुआ हूं, मुझे हर स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं से बहुत ज्यादा सहयोग, सम्मान और प्यार मिला है। मैं इस सफर के लिए सभी का दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं।" इस्तीफे से पहले मंत्रियों के साथ की थी जलपान बैठक इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की पटकथा गुरुवार सुबह ही लिखी जा चुकी थी। सिद्धारमैया ने अपने आधिकारिक आवास पर कैबिनेट सहयोगियों और मंत्रियों के लिए एक विशेष जलपान (ब्रेकफास्ट) बैठक आयोजित की थी। इसी बैठक के दौरान उन्होंने अपने सभी मंत्रियों को पद छोड़ने के अपने अंतिम फैसले से अवगत करा दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों के अनुसार, जैसे ही दिल्ली में बैठे पार्टी आलाकमान ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का स्पष्ट संकेत दिया, सिद्धारमैया ने बिना किसी देरी के आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा था, लेकिन उनके शहर से बाहर होने के कारण आखिरकार लोकभवन जाकर सचिव को ही पत्र सौंपना पड़ा। अब सभी की नजरें डीके शिवकुमार के राजतिलक और नए मंत्रिमंडल के गठन पर टिकी हुई हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Bashir Badr Passes Away: पद्मश्री से सम्मानित मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 वर्ष की उम्र में निधन [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]