यूनिक समय, नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तमाम खतरों और कानूनी मुश्किलों के बावजूद अपने देश लौटने का स्पष्ट ऐलान कर दिया है। अमेरिका में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की पूरी आशंका है कि बांग्लादेश पहुंचते ही उनकी हत्या की जा सकती है, उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या प्रताड़ित किया जा सकता है, लेकिन इन सब जोखिमों के बावजूद उन्होंने वापस लौटने का फैसला कर लिया है। दिसंबर तक लौटने का था इरादा, वापसी की तारीख गुप्त इससे कुछ सप्ताह पहले शेख हसीना ने दिसंबर तक अपने देश लौटने की इच्छा जताई थी। हालांकि, ताजा वर्चुअल बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी वापसी की कोई निश्चित तारीख या समय साझा नहीं किया। इससे पहले सितंबर में 'हिंदुस्तान टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश का मौजूदा राजनीतिक संकट लंबे समय तक नहीं चल सकता और उनकी वापसी की तारीख, समय व प्रवेश का स्थान सही वक्त आने पर सार्वजनिक किया जाएगा। 2024 छात्र आंदोलन और मौत की सजा का मामला गौरतलब है कि शेख हसीना को बांग्लादेश में साल 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं और मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दोषी ठहराया गया है। उनकी गैरमौजूदगी में अदालत ने उन्हें सामूहिक हत्या के लिए उकसाने और प्रदर्शनकारियों पर घातक बल के इस्तेमाल की मंजूरी देने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। आपको बता दें कि 2024 के बड़े छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग की सरकार सत्ता से बेदखल हो गई थी, जिसके बाद अगस्त 2024 से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। भारत सरकार का जताया आभार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने भारत सरकार और यहां के नागरिकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी मर्जी से देश छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन विषम परिस्थितियों के चलते उन्हें भारत आना पड़ा। हसीना ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ 600 से अधिक झूठे मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि जिन लोगों ने वास्तविक अपराध किए हैं, उन्हें वर्तमान अंतरिम सरकार द्वारा खुली छूट दी गई है। बेटे सजीब वाजेद जॉय का तीखा हमला इस वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के साथ उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी मौजूद थे। जॉय ने मौजूदा सरकार और नेतृत्व की तीखी आलोचना करते हुए अवामी लीग के नेताओं को जेल में डालने और कथित तौर पर हो रही गैर-न्यायिक हत्याओं का गंभीर मुद्दा उठाया। सत्ता से हटने के बाद इस साल अगस्त में दिल्ली में साउथ एशिया के फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वालीं शेख हसीना का यह नया बयान राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बड़ी हलचल पैदा कर रहा है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Shiva Sharma Death Case: 25 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार; बहन और ड्राइवर भी हिरासत में ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]