यूनिक समय, मथुरा। भारतीय सेना की सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मथुरा स्थित 1 कोर (स्ट्राइक कोर) में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। परम विशिष्ट सैन्य परंपराओं का निर्वहन करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार (सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल) ने गुरुवार को 1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने यह कमान निवर्तमान जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन (अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल) से संभाली। पदभार संभालने के उपरांत जनरल ऑफिसर ने मथुरा सैन्य स्टेशन पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कोर के सभी रैंकों को राष्ट्र रक्षा के लिए सदैव मुस्तैद रहने का आह्वान किया। सैनिक स्कूल तिलैया से NDA तक का सफर सैन्य क्षेत्र में एक प्रखर अधिकारी के रूप में पहचाने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार की शैक्षणिक और प्रारंभिक पृष्ठभूमि बेहद प्रभावशाली रही है। वे प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल तिलैया और नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), पुणे के पूर्व छात्र रहे हैं। इसके बाद उन्हें 13 जून 1992 को भारतीय सेना की सुप्रसिद्ध 'द राजपूताना राइफल्स' की चौथी बटालियन (4 Raj Rif) में कमीशन मिला था। अपनी उच्च शिक्षा के अंतर्गत उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) और उस्मानिया यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (MMS) की डिग्री हासिल की है। 34 वर्षों का समृद्ध सैन्य अनुभव लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार के पास विविध भौगोलिक परिस्थितियों और जटिल ऑपरेशनल माहौल में कार्य करने का 34 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर अग्रिम मोर्चों की कमान संभालने के साथ-साथ आतंकवाद-विरोधी (CT) और उग्रवाद-विरोधी (CI) अभियानों का सफल नेतृत्व किया है। अपनी मूल यूनिट 4 राजपूताना राइफल्स की कमान संभालने के अलावा वे जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के कमांडर और स्ट्राइक कोर के अंतर्गत एक इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सेना मुख्यालय में रैपिड (RAPID) के कर्नल जनरल स्टाफ, मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच में कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी और एडजुटेंट जनरल ब्रांच में ब्रिगेडियर डिसिप्लिन एंड विजिलेंस (A) जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित देश की सुरक्षा के प्रति अद्वितीय निष्ठा, नेतृत्व क्षमता और निस्वार्थ समर्पण के लिए जनरल ऑफिसर को कई प्रतिष्ठित सैन्य पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उन्हें 'सेना मेडल (विशिष्ट)' तथा 'विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)' से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय सेना में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) कमेंडेशन कार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: संत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में दर्शन और दीक्षा पर रोक; साधकों की वेशभूषा में बदलाव ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]