यूनिक समय, मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के 5253वें जन्मोत्सव को लेकर पूरी ब्रजभूमि भक्ति और उल्लास के रंग में डूब गई है। मथुरा और वृंदावन को किसी दुल्हन की तरह अलौकिक रूप से सजाया गया है। शहर के प्रमुख रास्तों, तिराहों और चौराहों पर जगमगाती रंग-बिरंगी लाइटें, मंदिरों की भव्य सजावट और दीवारों पर उकेरी गई कृष्ण लीलाएं हर किसी का मन मोह रही हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से लेकर पूरी धर्मनगरी की गलियों तक केवल कान्हा की भक्ति की झलक दिखाई दे रही है और श्रद्धालुओं को 4 सितंबर की मध्यरात्रि होने वाले भगवान के अलौकिक प्राकट्य का बेसब्री से इंतजार है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में भव्य सजावट श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से मंदिर परिसर को अत्यंत आकर्षक और भव्य रूप दिया गया है। भागवत भवन, गर्भगृह मंदिर, योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर, लीलामंच और सभी प्रवेश द्वारों को अद्भुत ढंग से सजाया-संवारा गया है। रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया पूरा परिसर दिव्य प्रतीत हो रहा है। परिसर में निरंतर राधारानी और श्रीकृष्ण के मधुर भजन गूंज रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो चुका है। शुक्रवार रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नगर निगम ने सजाए 25 प्रमुख तिराहे-चौराहे जिला प्रशासन और नगर निगम मथुरा-वृंदावन द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। नगर निगम की ओर से शहर के लगभग 25 मुख्य तिराहों और चौराहों को विशेष फसाड लाइटों, रंग-बिरंगी लाइटिंग और आकर्षक कपड़ों से सजाया गया है। रात्रि के समय रोशनी से नहाए ये चौराहे स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। सेल्फी प्वाइंट बने आकर्षण का केंद्र श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बनाने के लिए शहर के प्रमुख स्थलों पर विशेष 'सेल्फी प्वाइंट' तैयार किए गए हैं। इन सेल्फी प्वाइंट्स पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और विविध स्वरूपों को दर्शाया गया है। यहां रुककर श्रद्धालु और युवा कान्हा की लीलाओं का आनंद ले रहे हैं और तस्वीरें व सेल्फी खींचकर इस पावन अवसर की यादों को संजो रहे हैं। दीवारों पर जीवंत हुई ब्रज की धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत नगर निगम द्वारा मथुरा-वृंदावन की प्रमुख दीवारों पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी भव्य और आकर्षक पेंटिंग्स कराई गई हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से ब्रज की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन पेंटिंग्स का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को कान्हा की दिव्य लीलाओं और ब्रज संस्कृति से सहजता से परिचित कराना है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: कान्हा के जन्म से पहले ही कृष्णमय हुआ नंदगांव; नंदभवन में गूंज रहे बधाई पद! ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]