यूनिक समय, मथुरा। पावन नगरी गोवर्धन में पुरुषोत्तम (अधिकमास) के पावन महीने के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को शुद्ध व स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने ब्रज क्षेत्र में एक बड़ा और सघन छापेमारी अभियान चलाया है। इस विशेष कार्रवाई के तहत टीम ने बाजार में बिक रहे दूध, पनीर और आइसक्रीम सहित कुल 10 संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें सील कर दिया है। अचानक हुई इस प्रशासनिक छापेमारी से क्षेत्र में दूषित, बासी और मिलावटी सामान बेचने वाले मुनाफाखोर दुकानदारों और हलवाइयों में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर खिसकते नजर आए। गोवर्धन, बरसाना और सौंख में सघन चेकिंग अभियान खाद्य सुरक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) धीरेंद्र प्रताप सिंह के कुशल नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहर सिंह कुशवाह द्वारा अपनी विशेष टीम के साथ अंजाम दी गई। टीम ने अधिकमास मेले के मद्देनजर जिले के प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक केंद्रों—गोवर्धन, बरसाना और सौंख कस्बों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने मिष्ठान भंडारों, डेयरी की दुकानों और ठेलों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। पनीर, पेड़ा, बर्फी और रबड़ी सहित 10 नमूने सील जांच टीम ने खुले और संदिग्ध रूप से बेचे जा रहे डेयरी उत्पादों तथा मिठाइयों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने कुल 10 अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने (सैंपल्स) संग्रहित किए। इनमें मुख्य रूप से 3 पनीर के नमूने, 2 मिश्रित दूध, 2 विभिन्न ब्रांड व खुले में बिकने वाली आइसक्रीम, 1 प्रसिद्ध ब्रज का पेड़ा, 1 बर्फी और 1 रबड़ी का नमूना शामिल है। अधिकारियों ने इन सभी 10 नमूनों को मौके पर ही पूरी विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर दिया और तुरंत जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला (गवर्नमेंट लैब) भेज दिया। दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला भेजे गए इन सभी नमूनों की विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी 8 जून 2026 को विभाग को प्राप्त हो जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट, हानिकारक केमिकल या तय मानकों से कम गुणवत्ता पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों व निर्माताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI एक्ट) की गंभीर धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने क्षेत्र के सभी व्यापारियों को स्पष्ट और अंतिम चेतावनी दी है कि पुरुषोत्तम मास में ब्रज आने वाले श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और उनकी सेहत के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मिलावटखोरों और गंदगी के बीच सामान बेचने वालों के खिलाफ यह औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान आगे भी लगातार पूरी कड़ाई से जारी रहेगा।