यूनिक समय, मथुरा। जिले में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने हुंकार भरी। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर जोरदार नारेबाजी की। राजीव भवन से शुरू हुआ प्रदर्शन जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा, जहां कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। एनपीएस में अनिश्चितता, पुरानी पेंशन ही बुढ़ापे की लाठी: सत्यप्रकाश प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश ने कहा कि वर्तमान में लागू नवीन पेंशन योजना (NPS) कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने एनपीएस की खामियां गिनाते हुए बताया कि एनपीएस में कोई निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह से शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है। इसके कारण सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को कितनी पेंशन मिलेगी, इसे लेकर उनमें हमेशा अनिश्चितता और मानसिक असुरक्षा बनी रहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्मचारी अपनी पूरी उम्र शासन की योजनाओं को लागू करने और जनता की सेवा में खपा देते हैं, इसलिए बुढ़ापे में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए एक निश्चित पेंशन व्यवस्था बेहद जरूरी है। पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग संघ के पदाधिकारियों का तर्क है कि पुरानी पेंशन योजना ही कर्मचारियों के बुढ़ापे का असली सहारा है। एनपीएस से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि उनके व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा और मानसिक शांति मिल सके। प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद इस विशाल प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश, जिला महामंत्री जगत चौधरी सहित भारी संख्या में ग्रामीण सफाई कर्मचारी और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Sajjan Kumar Dies: 1984 सिख दंगे के दोषी सज्जन कुमार का निधन; तिहाड़ जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।