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अब मिडडे मील की जगह पीएम पोषण स्कीम लागू होगी, पांच सालों में सरकार करेगी 1.31 लाख करोड़ खर्च

by Raju Chaurasia • September 30, 2021
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नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड डे मील की जगह ‘पीएम पोषण स्कीम’ लागू करने का फैसला लिया गया है। अब 11.2 लाख से अधिक सरकारी स्कूलों के बच्चों को दिन में मुफ्त भोजन मिलेगा। इस स्कीम पर 5 सालों में 1.31 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के मुताबिक, केंद्र सरकार यह स्कीम राज्यों की मदद से लागू कराएगी।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने राजकोट-कनालूस रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,080.58 करोड़ रुपये और बढ़ी हुई/कार्य समापन लागत 1,168.13 करोड़ रुपये होगी। इस लाइन के दोहरीकरण की कुल लंबाई 111.20 किलोमीटर है। यह परियोजना चार साल में पूरी होगी।

इन दोनों रेल मार्गों से पेट्रोल, तेल, कोयला, सीमेंट, उर्वरक और खाद्यान्नों का ट्रांसपोर्ट होता है। माल का उत्पादन निजी साइडिंगों से जुड़े उद्योगों से होता है, जिन्हें परियोजना मार्ग से ले जाया जाता है। भविष्य में रिलायंस पेट्रोलियम, एस्सार ऑयल और टाटा केमिकल जैसे बड़े उद्योगों द्वारा पर्याप्त मात्रा में माल ढुलाई करने का अनुमान है। राजकोट-कनालूस के बीच एकल बड़ी लाइन पर बहुत भीड़-भाड़ हो गई है और परिचालन कार्य को सरल बनाने के लिए एक अतिरिक्त समानांतर बड़ी लाइन बिछाने की आवश्यकता है। इस खंड पर 30 जोड़ी यात्री/मेल एक्सप्रेस ट्रेन चलती हैं और रख-रखाव ब्लॉक के साथ मौजूदा लाइन क्षमता उपयोग 157.5 प्रतिशत तक है। दोहरीकरण के बाद मालगाड़ी और यात्री गाड़ी यातायात की रुकावट में काफी कमी आएगी। इस खंड के दोहरीकरण से क्षमता में बढ़ोतरी होगी तथा रेल प्रणाली में और अधिक गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। राजकोट से कनालूस तक इस प्रस्तावित दोहरीकरण से सौराष्ट्र क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।

कैबिनेट मीटिंग में देश में निर्यात को बढ़ावा देने के मकसद से एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (ECGC) को अगले पांच साल में 4400 करोड़ रुपए की पूंजी मुहैया कराने का फैसला किया गया। सरकार का कहना है कि इससे 5 साल में 5.28 लाख करोड़ रुपए के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस कोशिश से 59 लाख नए रोजगार पैदा होंगे। इनमें से भी 2.6 लाख रोजगार के मौके फॉर्मल सेक्टर में पैदा होंगे।

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