काबुल। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटते ही तालिबान का हिंसा तमाशा शुरू हो गया है। जो उसके खिलाफ आवाज उठाता है या उसकी बात नहीं मानता। उसे बेरहमी से पीटा जा रहा है। इस बच्चे के साथ भी यही हुआ। इसके पिता अफगानिस्तान की सेना में हैं। इसी का गुस्सा तालिबानी लड़ाकों ने इससे निकाला। https://twitter.com/FawadAman2/status/1422098756703563779?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1422098756703563779%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2FFawadAman2%2Fstatus%2F1422098756703563779%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw इस बच्चे की तस्वीर अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता फवाद अमन ने अपने twitter अकाउंट से शेयर की है। उन्होंने लिखा-आतंकवादी तालिबान ने फरयाब प्रांत के शेरिन-तगाब जिले में एक बच्चे को बेरहमी से पीटा; क्योंकि उसके पिता एक अफगान सैनिक थे। तालिबान हर रोज अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में निर्दोष नागरिकों को मारते हैं और लोगों की संपत्ति लूटते हैं। तालिबान ने इस बच्चे को 100 कोड़े मारे। इस घटना के बाद से बच्चा डरा हुआ है। तालिबान लगातार क्रूरता से सजा देता है हाल में तालिबान ने अफगानिस्तान के मशहूर कॉमेडियन नजर मोहम्मद खाशा की बर्बरता से हत्या कर दी थी। लोगों में दहशत फैलाने तालिबान ने एक वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि तालिबानी लड़ाकों ने कॉमेडियन को एक गाड़ी में बैठाकर पहले थप्पड़ मारे। विस्तार से पढ़ने क्लिक करें दानिश को मस्जिद से खींचकर गोली मारी गई थी तालिबान ने रॉयटर्स के चीफ फोटोग्राफर दानिश सिद्दीकी की भी बेरहमी से हत्या की थी। अमेरिका की एक मैगजीन वाशिंगटन एक्जामिनर ने यह दावा किया था। जबकि पिछले दिनों तालिबान के प्रवक्ता ने एक इंटरव्यू में साफ कहा था कि उसे नहीं पता कि दानिश को किसकी गोली लगी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दानिश अफगान नेशनल आर्मी टीम के साथ स्पिन बोल्डक क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को कवर करने पहुंचे थे। यह पाकिस्तान से सटी सीमा है। इसी दौरान उन्हें गोलियों के छर्रे लगे। वे इस उम्मीद में वहां की एक मस्जिद में चले गए, ताकि उन्हें शुरआती इलाज मिल सके। लेकिन इसकी भनक तालिबानी लड़कों को लगी, तो उन्होंने मस्जिद पर हमला कर दिया। तालिबान ने दानिश को जिंदा पकड़ा था। लेकिन उन्हें मार दिया गया। उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले अफगानिस्तानी सेना के कमांडर और बाकी सदस्यों को भी मार डाला गया था। बता दें कि दानिश को पुलित्ज़र पुरस्कार मिल चुका था। विस्तार से पढ़ने क्लिक करें पाकिस्तान कर रहा तालिबान की मदद अफगानिस्तान की मदद करने की बजाय पाकिस्तान क्रूर तालिबान को सहयोग कर रहा है। अफगानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने साफ कहा था कि पाकिस्तान ने दस हजार आतंकियों को तालिबान की मदद के लिए भेजा है। इन आतंकियों को तालिबान ने ही ट्रेन्ड किया था। पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ छद्म युद्ध लड़ रहा है। बता दें कि कुछ दिनों पूर्व यहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी पाकिस्तान को चेताया था कि वह तालिबान की मदद से बाज आए।