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एक दिन वह भोले भंडारी बनके ब्रज की नारी वृंदावन आ गए हैं

by यूनिक समय • March 16, 2021

एक दिन वह भोले भंडारी बनके ब्रज की नारी वृंदावन आ गए हैं

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यूनिक समय, वृंदावन। कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग तथा उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के संयुक्त माध्यम से सांस्कृतिक पंडाल में संस्कृति विभाग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान शिव की आराधना करते हुए भजन गायक अलका राजेश ने एक दिन वह भोले भंडारी बनके ब्रज की नारी वृंदावन आ गए हैं गाकर मंच पर तहलका मचा दिया।

एक के बाद एक भजनों की श्रंखला में उन्होंने होली गायन जिसमें रंग बरसे रे गुलाल बरसे रे राधा रानी हमारी पर रंग बरसे गा कर वातावरण को रंगों में भिगो दिया। उन्होंने बांके बिहारी की वंदना की कार्यक्रम में मथुरा के उस्ताद होती लाल के दल द्वारा सत्यवान सावित्री शीर्षक पर स्वांग का मंचन किया । स्वांग में किस प्रकार से सावित्री ने यमराज से वरदान मांग कर उन्हें अपने पति को जीवित किया, इसका सुंदर गीतों के माध्यम से किया गया।

रास आचार्य स्वामी रामबल्लभ शर्मा के निर्देशन में कृष्ण राधा द्वारा कत्थक रास की परंपरा में प्रारंभिक मंचन का अंग है को प्रस्तुत किया । जसोदा द्वारा कृष्ण को उखल बंधन में बांधकर किस प्रकार वात्सल्य भाव होता है का सुंदर प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के केके पाठक, मंच संयोजन देवेंद्र शर्मा, रजत शुक्ला, संजय शर्मा, अनूप शर्मा, राम विनोद भट्ट ,निशा शर्मा, सतीश चंद दीक्षित आदि उपस्थित थे।

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