Fri, Jul 17th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Iran-US War: अमेरिकी हवाई हमलों में चाबहार पोर्ट ध्वस्त; भारत को बड़ा झटका, चीन और पाकिस्तान को मिलेगा सीधा फायदा

by Tarun Bhardwaj • July 17, 2026
Chabahar Port destroyed in US airstrikes

Iran-US War: अमेरिकी हवाई हमलों में चाबहार पोर्ट ध्वस्त; भारत को बड़ा झटका, चीन और पाकिस्तान को मिलेगा सीधा फायदा

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में पिछले छह दिनों से जारी ईरान और अमेरिका के बीच का भीषण युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना ने बीती रात ईरान के कई नागरिक ठिकानों, ऊर्जा केंद्रों, बड़े पुलों, हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं, जिसमें 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लेकिन इस युद्ध की सबसे विनाशकारी आंच अब भारत तक पहुंच चुकी है। अमेरिका ने दक्षिण-पूर्वी ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह पर बड़ा हमला कर उसे ध्वस्त कर दिया है, जिससे भारत के वैश्विक व्यापारिक हितों को अब तक का सबसे बड़ा और गहरा झटका लगा है।

चाबहार पर तीसरी बार भीषण मिसाइल हमला

ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने तीन घातक मिसाइलें दागीं। इस हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खुद इस बंदरगाह के एक विशाल निगरानी टावर (मॉनिटरिंग टावर) के ढहने की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है। यह तस्वीर अमेरिकी रक्षा मंत्री द्वारा जारी किए जाने से पहले ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुकी थी।

ईरान के सरकारी मीडिया ने भी इस बात की पुष्टि की है कि चाबहार बंदरगाह को तीसरी बार अमेरिकी हवाई हमलों का निशाना बनाया गया है। हालांकि, ईरान ने टावर के पूरी तरह ढहने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है। ईरान के मुताबिक, यह टावर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की निगरानी करता था, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यहां ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स भी अपनी रणनीतिक गतिविधियां संचालित करती थी।

भारत के लिए क्यों बड़ा झटका?

पाकिस्तान को दरकिनार कर भारत द्वारा करोड़ों डॉलर के निवेश से विकसित किए जा रहे चाबहार पोर्ट के ध्वस्त होने से भारत के मध्य एशिया और अफगानिस्तान से सीधे संपर्क साधने के बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक सपनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि इस बंदरगाह को विकसित करने का भारत का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की सीमा का उपयोग किए बिना अफगानिस्तान, रूस और मध्य एशियाई देशों तक माल की निर्बाध आवाजाही के लिए एक सुरक्षित और वैकल्पिक व्यापार मार्ग तैयार करना था।

ईरान के अन्य बंदरगाहों की तुलना में चाबहार एक गहरे पानी का बंदरगाह है जिसकी सीधे हिंद महासागर तक पहुंच है, और यह गुजरात के कांदला बंदरगाह से मात्र 550 समुद्री मील तथा मुंबई से 786 समुद्री मील की दूरी पर स्थित भारत का सबसे नजदीकी ईरानी पोर्ट है जहां बड़े मालवाहक जहाज बहुत कम समय में पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही, भारत समुद्र के रास्ते अपना माल चाबहार भेजता था जहां से सड़क और रेल मार्ग के जरिए इसे सीधे अफगानिस्तान और यूरेशिया तक पहुंचाया जाना था, लेकिन ‘इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर’ (INSTC) के इस मुख्य प्रवेश द्वार के निष्क्रिय होने से अब भारत की पूरी यूरेशियन कनेक्टिविटी ठप होने की कगार पर पहुंच गई है।

चीन और पाकिस्तान को मिलेगा सीधा फायदा

चाबहार पोर्ट के तबाह और निष्क्रिय होने का सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ भारत के दो पड़ोसी प्रतिद्वंद्वियों—चीन और पाकिस्तान को मिलने वाला है क्योंकि चाबहार बंदरगाह से मात्र 170 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान का ग्वादर पोर्ट स्थित है, जिसे चीन ने अपने ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (BRI) के तहत अरबों रुपये खर्च करके विकसित किया है। चाबहार की सफलता ग्वादर के प्रभाव को कम कर रही थी, लेकिन अब चाबहार के ठप होने से ग्वादर पोर्ट का एकछत्र राज स्थापित हो सकता है और इस क्षेत्र से भारत के पैर उखड़ने या कमजोर होने की स्थिति में, ईरान पर मजबूत आर्थिक पकड़ रखने वाला चीन इस रणनीतिक कॉरिडोर में अपना दबदबा पूरी तरह बढ़ा लेगा। इसके परिणामस्वरूप न केवल भारत का व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि हिंद महासागर और मध्य पूर्व में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने भी एक बेहद गंभीर चुनौती खड़ी हो जाएगी।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Breaking News: भारत में जल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट; RBI की विंग ने जारी किया ग्लोबल टेंडर

ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे  WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

अमेरिकी हवाई हमलों में चाबहार पोर्ट ध्वस्त; भारत को बड़ा झटका भारत में जल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोट प्रधानमंत्री मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी अनशन के 20वें दिन सोनम वांगचुक का बड़ा बयान 3 इडियट्स’ के फुंसुख वांगडू को लेकर आमिर खान का बड़ा खुलासा रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलो पर सितांशु कोटक ने तोड़ी चुप्पी पंजाब के आर्यन गुप्ता बने NEET UG 2026 के ऑल इंडिया टॉपर मथुरा जंक्शन के यार्ड की बंद केबिन में मानव अवशेष मिलने से हड़कंप