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शर्तों के साथ कोरोना से अनाथ बच्चों को लाभ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिला जज के निर्देश

by यूनिक समय • June 14, 2021

शर्तों के साथ कोरोना से अनाथ बच्चों को लाभ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिला जज के निर्देश

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संवाददाता
यूनिक समय, मथुरा। जिला न्यायाधीश यशवंत कुमार मिश्र ने कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना-2021 का लाभ दिलाने के निर्देश जारी किए हैं।

इस संबंध में विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनिका वर्मा ने बताया कि आखिर किन बच्चों को इस योजना का लाभ और आश्रय मिलेगा। उन्होंने बताया कि कोविड-19 में जो बच्चे अपने माता पिता को खो चुके हैं उनके जीवन को संवारने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना-2021 का शुभारंभ किया गया है।

इस तत्परता का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना है और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है। इसके तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्थाओं का पूरा ख्याल शासन के द्वारा रखा जाएगा। बताया कि योजना में 0 से 18 वर्ष के ऐसे बच्चे शामिल किए जाएंगे, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हो गई है या माता-पिता में से एक की मृत्यु मार्च 2020 से पहले हो गई थी।

दूसरे की मृत्यु कोविड काल में हो गई अथवा दोनों की मौत 1 मार्च 2020 से पहले हो गई थी। वैध संरक्षण की मृत्यु कोविड काल में हो गई। इसके अलावा 0 से 18 वर्ष के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु कोविड काल में हो गई हो और वह परिवार का मुख्य कर्ताधर्ता हो। वर्तमान में जीवित में माता-पिता सहित परिवार की आय दो लाख रुपये से अधिक ना हो, ऐसे लोगों को योजना में शामिल किया जाएगा।

दस वर्ष तक के बच्चों के बैंक खाते में चार हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह शर्त भी होगी कि औपचारिक शिक्षा के लिए बच्चे का पंजीयन किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कराया गया हो, समय से टीकाकरण कराया गया है। बाल कल्याण समिति के आदेश विभाग के तहत संचालित बाल्य देखभाल संस्थाओं में आवासित कराए गए हो। उनको कक्षा 6 से 12 तक कि शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा। बच्चों को शिक्षा, आश्रय से लेकर शादी तक की सहायता सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की सुरक्षा के प्रबंध होंगे । माता-पिता की मृत्यु से दो वर्ष के अंदर आवेदन तथा अनुमोदन की तिथि से लाभ अनुबंध होगा।

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