यूनिक समय, नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर के प्रमुख बैंक—पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। बैंक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण सामने आ रहे नए और खतरनाक साइबर फ्रॉड के मामलों को लेकर ग्राहकों को आगाह किया है। पीएनबी ने स्पष्ट किया है कि ठग अब तकनीक का गलत इस्तेमाल करके वॉयस क्लोनिंग (आवाज की नकल), डीपफेक और फिशिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, इसलिए ग्राहकों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं ठग चूंकि हर साल अक्टूबर महीने को 'राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह' के रूप में मनाया जाता है, इसी कड़ी में पीएनबी ने अपने ग्राहकों को साइबर अपराधियों के नए तौर-तरीकों के प्रति जागरूक किया है। बैंक का कहना है कि धोखाधड़ी करने वाले लोग अब इतनी एडवांस तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं कि उनके द्वारा बिछाए गए जाल और संदेश बिल्कुल असली प्रतीत होते हैं। कैसे काम करता है यह नया AI फ्रॉड? पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्रा ने बताया है कि आजकल साइबर क्रिमिनल लोगों की मानवीय भावनाओं जैसे भरोसा, डर, जल्दबाजी और रोजमर्रा की डिजिटल आदतों का फायदा उठाकर ठगी करते हैं। फ्रॉड करने वाले लोग आधुनिक तकनीक के जरिए आपके परिवार के सदस्यों, दोस्तों या किसी परिचित की आवाज और चेहरे की हूबहू नकल कर लेते हैं। इसके बाद वे ऑडियो या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी बड़ी आपात स्थिति का झूठा दावा करते हैं और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। फर्जी ईमेल और मैसेज से बचने की सलाह CEO अशोक चंद्रा ने यह भी बताया कि आजकल ठगों द्वारा भेजे जाने वाले फर्जी ईमेल, एसएमएस या अन्य डिजिटल मैसेज बिल्कुल बैंक के ऑफिशियल या अत्यधिक पर्सनल मैसेज जैसे दिखाई देते हैं, जिससे आम आदमी के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मैसेज अक्सर लोगों में घबराहट (Panic) पैदा करते हैं, जिसके चलते ग्राहक बिना सोचे-समझे या बिना पुष्टि किए ऐसे कदम उठा लेते हैं जो उन्हें भारी नुकसान पहुंचा देते हैं। बैंक ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें। साइबर सुरक्षा और आईटी पर बढ़ रहा बैंकों का निवेश देशभर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी की वारदातों को देखते हुए, पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर के बैंक अब सुरक्षा के मोर्चे पर और अधिक गंभीर हो गए हैं। बैंक एडवांस्ड AI से पैदा होने वाले खतरों, क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े जोखिमों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कड़े नियामकीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और साइबर सिक्योरिटी पर लगातार अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव पंजाब नेशनल बैंक के CEO अशोक चंद्रा ने ग्राहकों की मेहनत की कमाई और उनकी गोपनीय निजी जानकारी की सुरक्षा के प्रति बैंक की पूरी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने अंत में कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर फ्रॉड से बचने के लिए 'जागरूकता और सतर्कता' ही सबसे बड़ा और सबसे प्रभावी हथियार है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Shiva Sharma Death Case: 25 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार; बहन और ड्राइवर भी हिरासत में ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]