Premanand Ji Maharaj 57th Birthday: संत प्रेमानंद महाराज के जन्मोत्सव पर आशीर्वाद लेने के लिए हजारों भक्त उमड़े

A flood of devotees converged on the occasion of Saint Premanand Maharaj's 57th birth anniversary

यूनिक समय, मथुरा। ब्रज की पावन धरा इन दिनों पूरी तरह ‘राधा नाम’ के रंग में सराबोर है। अवसर है जगप्रसिद्ध संत और ‘राधा केलि कुंज’ के संरक्षक श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के पावन जन्मोत्सव का। 18 और 19 मार्च को आयोजित इस द्वि-दिवसीय महोत्सव ने वृंदावन की गलियों को एक आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया है। हिंदू कैलेंडर और विक्रम संवत के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन महाराज जी का जन्मदिन मनाया जाता है, जिसे देखने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए देश-विदेश से हजारों भक्त उमड़ पड़े हैं।

संतों का अद्भुत संगम और भव्य स्वागत

जन्मोत्सव की शुरुआत वृंदावन के विभिन्न आश्रमों के प्रतिष्ठित पीठाधीश्वरों और जटाधारी संतों के आगमन के साथ हुई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे संतों ने महाराज जी के चरणों में नमन किया और उन्हें माला पहनाकर व तिलक लगाकर सम्मानित किया। संतों के इस समागम ने ‘राधा केलि कुंज’ के वातावरण को साक्षात् वैकुंठ जैसा बना दिया। भक्तों ने अपने लाड़ले गुरुदेव के स्वागत में गुलाब और गेंदे के फूलों की सुंदर कालीन बिछाई थी, जिस पर चलकर महाराज जी ने भक्तों को दर्शन दिए।

भक्तों को संदेश

संत प्रेमानंद महाराज के 57 वे जन्मोत्सव के खास अवसर पर जहाँ कलाकारों ने राधा-कृष्ण का रूप धरकर मंत्रमुग्ध कर देने वाला नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं महाराज जी ने अपने भक्तों को जीवन का सार समझाया। उन्होंने अपील की कि आध्यात्मिक मार्ग पर किसी भी प्रकार के दिखावे या आडंबर से दूर रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल ‘नाम जप’ और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण ही जीवन का असली सुख और शांति है। उत्सव में आए भक्तों ने महाराज जी के दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं, जिसके उत्तर में महाराज जी ने सभी पर वात्सल्य और आशीर्वाद की वर्षा की।

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