यूनिक समय, नई दिल्ली। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में हुई चोरी के बहुचर्चित मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आ गई है। सूत्रों के अनुसार, यूपी सरकार को सौंपी गई इस रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। एसआईटी ने अपनी जांच के आधार पर दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी गई रिपोर्ट जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य शासन ने एसआईटी की यह अंतिम रिपोर्ट आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर चंपत राय व अनिल मिश्रा को गबन का जिम्मेदार नहीं माना गया है। मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को ही मुख्य रूप से दोषी पाया गया है और अब आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। 8 लोगों को माना गया दोषी एसआईटी रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को आरोपी माना गया है। गौरतलब है कि चढ़ावे में हेरफेर और चोरी के आरोप लगने व जांच शुरू होने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा भिजवा दिया था। इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने अयोध्या में चार महीने की चातुर्मास साधना करने का संकल्प लिया था। पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया जारी राम मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्णकालिक सीईओ (CEO) नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। इस पद के लिए प्राप्त करीब 5,200 आवेदनों में से 18 प्रमुख उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों का अनुभव रखने वाले पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, मंदिर में सीईओ तैनात करने की इस योजना को लेकर स्थानीय संतों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया है और कुछ संत इसका विरोध भी कर रहे हैं। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर 2 सितंबर को होने वाली बैठक में आधिकारिक मुहर लग सकती है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: जन्माष्टमी से पहले ब्रज संस्कृति के रंग में रंगेगी कृष्णनगरी; चित्रकार दीवारों पर उकेर रहे लीलाएं ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]