यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस चरण के तहत देश के एक बड़े हिस्से में मतदाता सूचियों को अपडेट करने और उन्हें पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं का होगा घर-घर सर्वे चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी आगामी एसआईआर (SIR) कार्यक्रम के दौरान देश भर के लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर उनका भौतिक सत्यापन और विस्तृत सर्वेक्षण करेंगे। विशेष रूप से, इस पूरे कार्यक्रम को जनगणना के तहत वर्तमान में जारी गृह-सूचीकरण प्रक्रिया के साथ एकीकृत किया गया है ताकि एक साझा जमीनी तंत्र का उपयोग करते हुए इस कार्य को अधिक कुशलता से संपन्न किया जा सके।। किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा काम? भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण के अंतर्गत कुल 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों को अद्यतन करने का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के दायरे में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, मेघालय, कर्नाटक, तेलंगाना, सिक्किम, नगालैंड और त्रिपुरा जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं। केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में दिल्ली, चंडीगढ़, दादर नगर हवेली और दमन-दीव में यह प्रक्रिया संचालित की जाएगी। विशेष रूप से, देश की राजधानी दिल्ली के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है, जिसके अनुसार यहाँ 7 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन तीन क्षेत्रों में बाद में होगी घोषणा निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर (SIR) का तीसरा चरण संपन्न होने के साथ ही लगभग पूरा देश इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दायरे में आ जाएगा, हालांकि वर्तमान में तीन विशिष्ट क्षेत्रों को इससे अलग रखा गया है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कार्यक्रम की घोषणा आगामी समय में की जाएगी। आयोग के अनुसार, इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल इस प्रक्रिया को स्थगित रखा गया है और इन पर निर्णय बाद में लिया जाएगा। पिछले चरणों का विवरण विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पिछले चरणों के विवरण के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले केवल बिहार राज्य से की गई थी। इसके पश्चात, दूसरे चरण का आगाज़ 4 नवंबर 2025 को हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सहित कुल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया था। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: बांके बिहारी मंदिर: 3 महीने में 4.90 करोड़ का दान, सुरक्षा गार्डों की बदली ड्रेस और ‘वीआईपी’ दर्शन पर सख्ती [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]