यूनिक समय, नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में आज (13 मई) एक नया अध्याय जुड़ गया है। अभिनेता से राजनेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने विधानसभा में अपना पहला शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) भारी बहुमत के साथ पास कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल विजय की सत्ता पर पकड़ मजबूत की है, बल्कि मुख्य विपक्षी दल एआईएडीएमके (AIADMK) के खेमे में बड़ी सेंधमारी कर उनके राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्लोर टेस्ट के निर्णायक आंकड़े तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए मुख्यमंत्री विजय को निर्धारित जादुई आंकड़े की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें अपनी उम्मीद से कहीं अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। सदन में हुए मतदान के दौरान सरकार के पक्ष में कुल 144 वोट पड़े, जबकि विरोध में केवल 22 वोट ही दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया के दौरान 05 विधायक तटस्थ रहे। मुख्यमंत्री विजय की इस ऐतिहासिक जीत में विपक्षी दल एआईएडीएमके (AIADMK) के बागी विधायकों ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सदन के भीतर वोटों के समीकरण पर गौर करें तो टीवीके (TVK) के अपने 107 विधायकों के साथ कांग्रेस के 5 विधायकों और लेफ्ट (CPI, CPI-M), वीसीके (VCK) व आईयूएमएल (IUML) के सहयोग से गठबंधन की कुल संख्या 118 तक पहुँच गई। इस दौरान एआईएडीएमके में बड़ी बगावत देखने को मिली, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री ईपीएस (EPS) द्वारा जारी व्हिप को दरकिनार करते हुए पार्टी के 25 विधायकों ने सरकार के पक्ष में अपना मत दिया। इसके साथ ही, मन्नारगुड़ी से एएमएमके (AMMK) के एक विधायक ने भी मुख्यमंत्री विजय का समर्थन किया, जिससे सरकार का पक्ष और अधिक मजबूत हो गया।। "हॉर्स-ट्रेडिंग नहीं, हॉर्स-स्पीड": सीएम विजय बहुमत साबित करने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष के खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मेरी सरकार हॉर्स-ट्रेडिंग में नहीं, बल्कि 'हॉर्स-स्पीड' से विकास करने में यकीन रखती है।" उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित सभी सहयोगी साथियों का आभार जताया और भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली सरकारों की जनहितकारी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा। बदली तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा विजय की इस जीत ने तमिलनाडु में दशकों से चले आ रहे डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके के द्विध्रुवीय वर्चस्व को तोड़ दिया है। विपक्षी खेमे में मची इस जबर्दस्त तोड़फोड़ ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति का केंद्र अब टीवीके (TVK) बनने की राह पर है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Bihar: सम्राट कैबिनेट ने DA में की भारी बढ़ोतरी; 9 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा सीधा फायदा [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]