दिल्ली हिंसा: एक हुई अमित शाह और केजरीवाल की ताकत, इस बड़े फैसले से दंगाइयों की अब खैर नही

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर फैलाए जा रहे हैं झूठ ने अब हिंसात्मक रोक ले लिया है। बताते चलें कल दिल्ली में हेड कांस्टेबल की मौत के बाद दिल्ली के हालात सामान्य नहीं है। पूरे मामले को देखते हुए शासन के हाथ पैर फुले हुए हैं। नागरिकता संशोधन बिल के समर्थक और विरोधी गुट आपस में भिड़ने की वजह से सैकड़ों लोग घायल भी हो गए हैं। हालांकि कल फैली हिंसा और आगजनी के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन में आ गया है।

बताते चलें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद और मौजपुर इलाके में पिछले तीन दिन हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए। वही, केजरीवाल ने बताया कि गृह मंत्री ने हालात सामन्य करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। साथ ही कहा, सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है।

गौरतलब है कि रविवार को शुरू हुई हिंसक आगजनी के झडप अभी भी जारी रही हैं। वहीं, पूरे मामले में हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि हिंसक घटनाओं को लेकर एनजीओ ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई करने की मांग की है। दिल्ली में मामला बेहद ही संवेदनशील है, क्योंकि अभी तक शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे प्रदर्शन अब हिंसात्मक रोक ले रहे हैं।

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