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ट्रस्टी ने छह करोड़ रूपये धर्मान्तरण, 60 लाख रूपए सीएए विरोधी प्रदर्शकारियों को मुहैया कराये:पुलिस

by Raju Chaurasia • August 26, 2021
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अहमदाबाद। वडोदरा पुलिस ने धर्मांतरण रैकेट की जांच के सिलसिले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार किए गए एक धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी द्वारा कथित रूप से लगभग 6 करोड़ रुपये मुख्य आरोपी मोहम्मद उमर गौतम और अन्य को मुहैया कराये जाने का खुलासा किया है। साथ ही पुलिस 60 लाख रुपये संशोधित नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों एवं 2020 के दिल्ली सांप्रदायिक दंगों के बाद गिरफ्तार लोगों को कानूनी मदद के तौर पर मुहैया कराये जाने का भंडाफोड़ किया है।

वडोदरा पुलिस ने बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि सलाउद्दीन शेख के रूप में पहचाने गए प्रबंध ट्रस्टी और उसके साथियों ने विभिन्न स्रोतों से 24.48 करोड़ रुपये एकत्र किए थे और ट्रस्ट के खाते में राशि जमा की थी जिसमें ट्रस्ट के एफसीआरए खाते में प्राप्त 19.03 करोड़ रुपये शामिल थे। पुलिस ने कहा कि कुछ राशि दुबई स्थित हवाला चैनल के माध्यम से प्राप्त हुई थी।

विशेष अभियान समूह (SOG) ने मंगलवार को वडोदरा स्थित अफमी चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी शेख, गौतम और अन्य के खिलाफ विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए, 465, और 120-बी के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की।

अवैध रूप से इस्लाम धर्म में परिवर्तित करने का आरोप
उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने पिछले महीने 50 वर्षीय सलाउद्दीन शेख को वडोदरा के पानीगेट इलाके से गौतम और अन्य को धन मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था जिन पर कई लोगों को अवैध रूप से इस्लाम धर्म में परिवर्तित करने का आरोप है।

गिरफ्तारी के बाद से शेख और गौतम दोनों उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में हैं. वडोदरा पुलिस की जांच के अनुसार, अफमी चैरिटेबल ट्रस्ट का कार्यालय शहर के पानीगेट इलाके में है। शेख ने ट्रस्ट के संविधान और उद्देश्यों के उल्लंघन में धन गौतम और अन्य को हस्तांतरित किया था

चूंकि ट्रस्ट शहर से काम कर रहा था, वडोदरा पुलिस ने मामले की समानांतर जांच शुरू की थी और अपराध शाखा के एसीपी डी एस चौहान की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘कुल मिलाकर, शेख और उसके साथियों ने विभिन्न स्रोतों से 24.48 करोड़ रुपये एकत्र किए थे और राशि ट्रस्ट के खाते में जमा की थी. इसमें ट्रस्ट के एफसीआरए खाते में प्राप्त 19.03 करोड़ रुपये और दुबई स्थित हवाला चैनल के माध्यम से हासिल कुछ राशि शामिल थी।

दंगाइयों को कानूनी मदद प्रदान करने के लिए मुहैया कराये रुपये
इसमें कहा गया है, ‘जिस उद्देश्य के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया था, उस उद्देश्य के लिए राशि का उपयोग करने के बजाय, शेख ने 5.91 करोड़ रुपये गौतम और अन्य लोगों को अवैध रूप से इस्लाम में परिवर्तित करने और गुजरात और अन्य स्थानों में मस्जिद बनाने में मदद करने के लिए मुहैया कराये। शेख ने 59.94 लाख रुपये CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों और पिछले साल दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए अन्य दंगाइयों को कानूनी मदद प्रदान करने के लिए मुहैया कराये।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि ट्रस्ट की ओर से शेख द्वारा किए गए लेन-देन की एक विस्तृत जांच से यह भी पता चला है कि उसने कुछ स्थानीय व्यापारियों की मदद से 1.65 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद में बदला, जिन्होंने शेख से जाली बिल और चेक स्वीकार किए थे और उन्हें कमीशन पर नकद दिया।

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