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UP: असमय वर्षा-ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर CM योगी ने अधिकारियो को 24 घंटे में राहत पहुंचाने का दिया निर्देश

by Tarun Bhardwaj • April 8, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हुई असमय वर्षा, भीषण ओलावृष्टि और आगजनी की घटनाओं से रबी की फसलों को हुए व्यापक नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। बुधवार सुबह एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ ‘अन्नदाता’ के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

त्वरित और पारदर्शी क्षतिपूर्ति का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों और बटाईदारों को तत्काल राहत पहुँचाने के लिए राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर तत्काल खेतों का दौरा करें। नुकसान का आकलन पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध होना चाहिए ताकि कोई भी पात्र किसान सहायता से वंचित न रहे।

सीएम योगी ने बीमा कंपनियों के साथ सक्रिय समन्वय बनाने को कहा है। अधिकारियों को स्वयं किसानों से संपर्क कर फसल बीमा योजना के दावों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है। अग्निकांड जैसी घटनाओं में विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि होने की स्थिति में राहत राशि 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

आपदा कोष और आवास योजना का लाभ

सरकार ने राहत वितरण को गति देने के लिए वित्तीय और संसाधनों की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया है। राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को तत्काल पर्याप्त धनराशि भेजी जाए ताकि जिलाधिकारियों के पास राहत वितरण के लिए फंड की कमी न हो। जिन गरीब परिवारों के घर ओलावृष्टि या आगजनी में नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। मंडी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसंभव तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों की जवाबदेही तय

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में किसानों का चिंतित होना स्वाभाविक है। उन्होंने प्रशासन को ‘संवेदनशील और सक्रिय’ रहने की हिदायत देते हुए कहा कि राहत कार्यों में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य केवल रिपोर्ट बनाना नहीं, बल्कि किसान के हाथ में जल्द से जल्द सहायता पहुँचाना होना चाहिए।

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