यूनिक समय, नई दिल्ली। अयोध्या के भव्य राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब थमता नजर नहीं आ रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर अब संतों और मंदिर से जुड़े प्रमुख चेहरों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने इस पूरे घटनाक्रम और जांच की मांग पर बेहद कड़ा और बेबाक रुख अपनाया है। उन्होंने जांच एजेंसियों और हल्ला मचाने वालों की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए यहाँ तक कह दिया कि जब जांच करने वाले ही खुद बेईमान हैं, तो भला क्या जांच होगी? अब इस पूरे मामले का न्याय और जांच सिर्फ भगवान ही करेंगे। हल्ला मचाने वाले क्या खुद दूध के धुले हैं? महंत कमल नयन दास ने मंदिर के दान में गड़बड़ी का आरोप लगाकर शोर मचाने वाले लोगों और जांच की बात करने वालों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में कहा "जांच करने वाले ही सब बेईमान हैं तो क्या जांच होगी। सब के सब तो बेईमान ही हैं। यहाँ कौन दूध का धुला है? ये जो लोग आज इस मामले को लेकर हल्ला मचा रहे हैं, क्या वे खुद दूध के धुले हैं? जब व्यवस्था में ही खोट है तो जांच कौन करेगा? अब तो इस पूरे मामले की जांच साक्षात भगवान ही करेंगे।" साइकिल पर चलने वाले आज गाड़ियों में घूम रहे हैं ट्रस्ट के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों के बीच महंत कमल नयन दास ने समाज और व्यवस्था में फैली कथित बेईमानी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग कल तक रिक्शे और साइकिल पर चलते थे, आज वे बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं और उनके बड़े-बड़े आलीशान मकान बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वे किस-किसका नाम गिनाएं, उन्हें किसी से कोई निजी मतलब नहीं है। जो जैसा कर्म करेगा, उसका फल उसे इसी जनम में निश्चित रूप से मिलेगा और भगवान खुद ऐसे लोगों को कड़ा दंड देंगे। जांच ऐसी हो जिस पर सभी पक्षों को अटूट भरोसा हो महंत कमल नयन दास ने यह भी स्वीकार किया कि यदि राम जन्मभूमि जैसी पवित्र जगह के दान-चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की बात सामने आई है, तो उसकी जांच होना बेहद आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी कि जांच की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और साफ-सुथरी होनी चाहिए। उन्होंने आज के माहौल को आरोप-प्रत्यारोप से भरा हुआ बताया, जहाँ एक पक्ष दूसरे पर कीचड़ उछाल रहा है और जांच करने वालों की नीयत पर भी उंगलियां उठ रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में यदि रत्ती भर भी संदेह है तो जांच ऐसी होनी चाहिए जिस पर समाज के सभी पक्षों को पूरा भरोसा हो। RSS ने मांगी रिपोर्ट गौरतलब है कि यह पूरा विवाद उस समय गरमाया जब राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी (अकाउंट्स इन-चार्ज) महिपाल सिंह ने ट्रस्ट प्रबंधन पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। महिपाल सिंह का दावा है कि मंदिर में आने वाली दान की भारी-भरकम राशि में लंबे समय से सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटों की ट्रॉलियों में हेराफेरी करके दान की रकम की चोरी की गई। महिपाल सिंह ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ रसूखदार लोगों पर सीधे सवाल उठाए और यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इस वित्तीय हेराफेरी की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, तो उन्हें उनके पद से ही हटा दिया गया। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी पूरी तरह एक्टिव हो गया है और संगठन ने इस पूरे कथित घोटाले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।