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Wayanad Landslide: वायनाड में टनल निर्माण स्थल पर भीषण लैंडस्लाइड; 2 की दर्दनाक मौत, 8 लोग घायल, कई लापता

by Tarun Bhardwaj • July 7, 2026
Massive landslide at tunnel construction site in Wayanad

Wayanad Landslide: वायनाड में टनल निर्माण स्थल पर भीषण लैंडस्लाइड; 2 की दर्दनाक मौत, 8 लोग घायल, कई लापता

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यूनिक समय, नई दिल्ली। केरल के वायनाड में मंगलवार सुबह कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुए भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) मामले में राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद साफ तौर पर कहा कि यह हादसा मौसम विभाग की चेतावनी न मिलने के कारण नहीं, बल्कि ठेकेदारों की घोर लापरवाही की वजह से हुआ है। इस हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत और 8 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में दबे अन्य लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने जताया दुःख

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए बड़ा खुलासा किया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री पी. के. बशीर और जिला कलेक्टर ने ठेकेदारों को पहले ही निर्माण स्थल के पास जमा भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे को वहां से हटाने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने आगे बताया कि ठेकेदारों को यह चेतावनी काफी समय पहले ही लिखित और मौखिक रूप से दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं किया और इसी लापरवाही के कारण टनल से निकाली गई मिट्टी बारिश के पानी के साथ बहकर नीचे आ गई, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।

सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर

हादसे का जो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मंगलवार (7 जुलाई) सुबह करीब 11:15 बजे टनल की तरफ से पानी और कीचड़ की एक ऐसी विनाशकारी लहर आई, जिसने रास्ते में खड़े एक भारी-भरकम टैंकर को तिनके की तरह बहा दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार से ही इस ₹2,200 करोड़ की लागत वाले टनल प्रोजेक्ट का काम एहतियातन रोक दिया गया था, जिससे साइट पर मजदूरों की संख्या कम थी, अन्यथा यह हादसा और भी भीषण हो सकता था।

NDRF की दो टीमें मुस्तैद

हादसे की गंभीरता और मलबे के विशाल ढेर को देखते हुए राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत झोंक दी गई है, जिसके तहत मीनांगाडी और कोझिकोड से एनडीआरएफ की दो विशेष टीमों के कुल 60 जवानों को तुरंत कल्लाडी दुर्घटनास्थल पर तैनात कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रिशूर में भारतीय सेना की एक टुकड़ी को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ते ही उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट या सड़क मार्ग से मौके पर भेजा जा सके, साथ ही उन्होंने वायनाड के प्रभारी व कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी और राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार को तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुँचकर कमान संभालने के आदेश दिए हैं।

वर्तमान में जिला कलेक्टर खुद मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू की निगरानी कर रहे हैं और हालांकि इलाके में बारिश की रफ्तार थोड़ी कम जरूर हुई है, फिर भी टनल साइट पर फैले भारी कीचड़ और मलबे के कारण बचाव दलों को काम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें स्थानीय लोग भी मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन का पूरा साथ दे रहे हैं।

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