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World: होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC ने जब्त किए दो जहाज, गुजरात आ रहा ‘EPAMINONDAS’ भी कब्जे में

by Tarun Bhardwaj • April 22, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल अब और गहरे हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता विफल होने के बाद, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे दो प्रमुख कमर्शियल जहाजों को जब्त कर लिया है। इस घटना ने न केवल अमेरिका-ईरान तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि भारत के व्यापारिक हितों के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा कर दी है।

गुजरात आ रहा जहाज ईरान के कब्जे में

ईरानी नौसेना द्वारा जब्त किए गए जहाजों की पहचान MSC-FRANCESCA और EPAMINONDAS के रूप में हुई है। शिप-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म ‘मरीन ट्रैफिक’ के अनुसार, जहाज EPAMINONDAS दुबई के जबेल अली पोर्ट से भारी मात्रा में माल लेकर भारत के गुजरात की ओर बढ़ रहा था। IRGC ने दावा किया है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का “उल्लंघन” किया है, जिसके कारण आज सुबह कार्रवाई कर उन्हें ईरानी जलक्षेत्र में ले जाया गया।

लाइबेरियाई जहाज पर हमला

जहाजों की जब्ती के साथ-साथ आज सुबह एक और सनसनीखेज वारदात हुई। UKMTO के अनुसार, सुबह करीब 7:55 बजे IRGC की गनबोट्स ने लाइबेरिया के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के गोलीबारी शुरू कर दी।

ईरान की सरकारी मीडिया ‘नूर न्यूज’ का कहना है कि जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था, जबकि ब्रिटिश सुरक्षा फर्म वैनगार्ड टेक के मुताबिक, जहाज को पहले पार करने की अनुमति दी गई थी और फिर अचानक उस पर हमला बोल दिया गया। इस गोलीबारी में जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है।

ट्रंप के फैसले के बाद बिगड़े हालात

यह समुद्री टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को आगे न बढ़ाने का संकेत दिया है। वार्ता ठप होने से ईरान अब दबाव बनाने के लिए दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन—होर्मुज जलडमरूमध्य को निशाना बना रहा है।

दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इन जहाजों की जब्ती से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति के ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह महज एक समुद्री घटना नहीं, बल्कि सीधे सैन्य टकराव का संकेत है। भारत के लिए चिंता की बात यह है कि उसके व्यापारिक जहाज अब सीधे तौर पर इस संघर्ष की चपेट में आ रहे हैं। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में इसी तरह जहाजों को रोका या जब्त किया गया, तो भारत में ईंधन की कीमतों और कच्चे माल की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ सकता है।

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