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World News: होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना के सुरक्षा चक्र के बीच निकले भारत के दो और तेल टैंकर

by Tarun Bhardwaj • March 28, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और अमेरिका-इस्राइल-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने में बड़ी सफलता हासिल की है। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे दो और विशाल व्यापारिक जहाज सुरक्षित रवाना हो गए हैं। र

णनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग पर जहाँ ईरान ने अपने दुश्मन देशों के जहाजों के लिए रास्ते बंद कर रखे हैं, वहीं भारतीय जहाजों के लिए उसने ‘ग्रीन कॉरिडोर’ जैसा रास्ता दे दिया है। हालांकि, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारतीय नौसेना के शक्तिशाली युद्धपोत ‘स्टैंडबाय’ मोड पर तैनात हैं और इन जहाजों को सुरक्षा घेरा प्रदान कर रहे हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीधे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य वर्तमान में एक वैश्विक फ्लैशपॉइंट बना हुआ है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका और इस्राइल से जुड़े जहाजों को यहाँ से गुजरने की अनुमति नहीं देगा, लेकिन भारत के साथ उसके प्रगाढ़ कूटनीतिक संबंधों के चलते भारतीय ध्वज वाले जहाजों को निर्बाध आवाजाही की छूट दी गई है।

यह जहाज उन 22 भारतीय जहाजों के बेड़े का हिस्सा हैं, जो युद्ध शुरू होने के बाद इस मार्ग में फंस गए थे। इससे पहले ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ जैसे टैंकर लगभग 92,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत पहुँच चुके हैं, जिससे देश में गहराते गैस संकट को टालने में बड़ी मदद मिली है। भारत में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी की भारी मांग को देखते हुए सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर ईरान से विशेष वार्ता की थी, जिसका परिणाम अब समुद्र में सकारात्मक रूप से दिखाई दे रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा है और इसका आंशिक रूप से बाधित होना पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर रहा है। ऐसी विषम परिस्थितियों में भारतीय नौसेना की सक्रियता और सरकार की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ तथा संतुलित विदेश नीति ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत की रसोई और उद्योग ईंधन की कमी से न जूझें।

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और भारतीय टैंकर इसी मार्ग से गुजरेंगे, जिनके लिए नौसेना ने विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया है। ईरान की ओर से जारी आधिकारिक बयानों ने भी वैश्विक समुदाय को यह संदेश दिया है कि भारत के लिए उसके दरवाजे और समुद्री रास्ते खुले हैं, जो नई दिल्ली की बढ़ती वैश्विक साख और मजबूत कूटनीति का प्रमाण है।

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