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World: ट्रंप के सांसदों ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम को 3 साल के लिए स्थगित करने के लिए संसद में पेश किया विधेयक

by Tarun Bhardwaj • April 25, 2026
Trump's Lawmakers Introduce Bill in Congress to Block H-1B Visas

World: ट्रंप के सांसदों ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम को 3 साल के लिए स्थगित करने के लिए संसद में पेश किया विधेयक

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यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका में नौकरी की तलाश करने वाले और वहां कार्यरत भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ (End H-1B Visa Abuse Act of 2026) पेश किया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एच-1बी वीजा कार्यक्रम को तीन साल के लिए स्थगित करना और इसमें बेहद कड़े बदलाव करना है।

विधेयक के मुख्य बिंदु

एरिजोना के सांसद एली क्रेन द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में ऐसे प्रावधान हैं जो आईटी सेक्टर और भारतीय पेशेवरों की कमर तोड़ सकते हैं। वर्तमान में एच-1बी वीजा की वार्षिक सीमा 65,000 है, जिसे घटाकर मात्र 25,000 करने का प्रस्ताव है। एच-1बी धारकों के लिए न्यूनतम वार्षिक वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 1.67 करोड़ रुपये) निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है।

इसका उद्देश्य कम वेतन पर विदेशी कामगारों को बुलाने की प्रथा को रोकना है। अब एच-1बी वीजा धारक अपने परिवार या आश्रितों (Dependents) को अमेरिका नहीं ला सकेंगे। विधेयक में प्रावधान है कि एच-1बी धारक भविष्य में स्थायी निवासी नहीं बन पाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह वीजा केवल ‘अस्थायी’ ही रहे।

इन सांसदों ने दिया समर्थन

सांसद एली क्रेन द्वारा पेश किए गए इस विधेयक को सात अन्य प्रभावशाली रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन मिला है, जिनमें टेक्सास से ब्रायन बैबिन, ब्रैंडन गिल, वेस्ली हंट और कीथ सेल्फ, टेनेसी से एंडी ओगल्स, एरिजोना से पॉल गोसर और कैलिफोर्निया से टॉम मैक्लिंटॉक के नाम शामिल हैं।

नियोक्ताओं के लिए बदल जाएंगे नियम

विधेयक में कंपनियों के लिए भर्ती प्रक्रिया को बेहद जटिल बनाने का प्रस्ताव है। वर्तमान लॉटरी सिस्टम की जगह वेतन-आधारित चयन प्रणाली लागू करने की बात कही गई है। यानी जिसका वेतन सबसे ज्यादा होगा, उसे प्राथमिकता मिलेगी।कंपनियों को यह प्रमाणित करना होगा कि उन्हें उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी नागरिक नहीं मिला और उन्होंने इस भर्ती के लिए किसी अमेरिकी की छंटनी नहीं की है। आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों के माध्यम से एच-1बी कर्मचारियों को रोजगार देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।

OPT और वर्क स्टेटस पर भी प्रहार

विधेयक में OPT (Optional Practical Training) को समाप्त करने की बात भी कही गई है, जिसका उपयोग भारतीय छात्र अपनी पढ़ाई के बाद काम करने के लिए करते हैं। इसके अलावा, किसी भी गैर-प्रवासी कर्मचारी को अपना स्टेटस बदलने (जैसे स्टूडेंट से वर्क वीजा) के लिए पहले अमेरिका छोड़ना अनिवार्य होगा।

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