Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

अजीब मामला: साइबर फ्रॉड होने से बचा एक शख्स, सिर्फ 1 पैसे ने लुटने से बचाया

by Raju Chaurasia • June 13, 2022
Advertisement
Ad

नई दिल्ली। नोएडा से एक हैरत में डाल देनेवाला मामला सामने आया है। एक पैसे के कारण एक व्यक्ति के 10000 रुपए फ्रॉड से बच गए। एक रिपोर्ट के अनुसार ग्रेटर नोएडा के सुनील कुमार नाम के एक व्यक्ति ने गलती से अपने रिश्तेदार के बजाय गलत बैंक अकाउंट नंबर में 22,000 रुपये डाल दिए। यहां से उसकी परेशानी शुरू हुई। सुनील भी मानते हैं कि यह उनकी ही गलती थी। सुनील को अपने पैसे ट्रांसफर करते समय हुई गलती का एहसास हुआ और उसने तुरंत अपने बैंक को इसके बारे में सूचित किया। लेकिन जब उन्हें बैंक से कोई मदद नहीं मिली तो उन्होंने ट्विटर का सहारा लिया और बैंक के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल को टैग कर मदद मांगी। सुनील के ट्वीट को देख एक साइबर अपराधी ने उनसे संपर्क किया। उनसे एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। अपराधी ने वादा किया कि उनका रुपया वापस मिल जाएगा। लेकिन जालसाज फ्रॉड करने की जुगाड़ में लग गए।

जालसाजों ने सुनील से बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी। जैसे ही उन्हें बैंक अकाउंट की डिटेल मिली, तो उन्होंने 2000 रुपये निकालने का प्रयास किया, लेकिन प्रयास विफल रहा। साइबर अपराधियों ने फिर कोशिश की और इस बार उन्होंने 10000 रुपये निकालने की कोशिश की। प्रयास सफल हो जाता अगर 1 पैसे कम ना होते। सुनील के बैंक खाते में केवल 9,999.99 रुपये थे। इनसफिशियेंट बैलेंस का उनके पास बैंक से नोटिफिकेशन आया। अलर्ट मैसेज आते ही सुनील को पता चल गया कि वह साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गया है। उसने नोएडा पुलिस के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

अगर आप भी ऑनलाइन लेन-देन करते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी सुनील जैसे ही पीड़ितों को अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए बैंक द्वारा लोगों को सलाह दी जाती है कि कोई भी संदिग्ध ऐप डाउनलोड ना करें। अपने बैंक अकाउंट की डिटेल या इंफॉर्मेशन किसी के साथ शेयर न करें। यहां कुछ टिप्स दी गई है, जिनका उपयोग आप साइबर या ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए कर सकते हैं।

किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध ऐप को डाउनलोड न करें।
हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। ऐप को डाउनलोड करने के पहले उसकी रेटिंग और कमेंट जरूर चेक करें।
कभी भी किसी के साथ अपनी बैंक डिटेल जैसे कि अकाउंट नंबर, पिन नंबर शेयर ना करें।
ईमेल या कॉल प्राप्त होने पर उसका सोर्स चेक करें। इसके लिए आप ऑफिशियल साइट की मदद ले सकते हैं।
किसी भी इमरजेंसी में बैंक की ऑफिशियल साइट पर दिए नंबर्स पर ही कॉल करें। ऑनलाइन नंबर ढूंढने पर आप धोखेबाजों के जाल में फंस सकते हैं।
समय-समय पर अपना एटीएम कार्ड का पिन नंबर चेंज करते रहे और किसी के साथ शेयर ना करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.