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अलविदा मुलायम…. अखिलेश बोले..आदरणीय पिताजी, सबके नेताजी नहींं रहे

by यूनिक समय • October 10, 2022
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अलविदा मुलायम…. अखिलेश बोले..आदरणीय पिताजी, सबके नेताजी नहींं रहे

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यूनिक समय ब्यूरो
गुरुग्राम/ नई दिल्ली।  समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने आज सुबह करीब सवा आठ बजे गुरुग्राम स्थित मेदांता हास्पीटल में आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से देश की समाजवाद  राजनीति को बड़ी क्षति पहुंची है। इस दुखद खबर पर पार्टी के रास्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बोले.. आदरणीय पिताजी और सबके नेताजी नहीं रहे। मुलायम सिंह यादव 82 वर्ष थे। उनके पार्थिव शरीर को  उनके पैतृक गृह सैफई ले जाया जाएगा।  पैतृक गांव में अंतिम संस्कार होगा। इसी के साथ एक सियासी युग का अंत हो गया।
सपा के रास्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सपा के रास्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव एवं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के रास्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह मेदांता हास्पीटल पहुंच गए। सपा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मेदांता हास्पीटल पहुंच रहे हैं।
मुलायम सिंह यादव यूपी के तीन बार मुख्यमंत्री एवं देश के रक्षामंत्री रहे। प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव जमीन से जुड़े नेता थे। वह जेपी और लोहिया के आदर्शों पर चले।
गौरतलब है कि मुलायम सिंह उत्तर भारत के बड़े समाजवादी और किसान नेता रहे। एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले मुलायम सिंह ने अपना राजनीतिक जीवन उत्तर प्रदेश में विधायक के रूप में शुरू किया। बहुत कम समय में ही मुलायम सिंह का प्रभाव पूरे उत्तर प्रदेश में नजर आने लगा। मुलायम सिंह ने उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग समाज का सामाजिक स्तर को ऊपर करने में महत्वपूर्ण कार्य किया। सामाजिक चेतना के कारण उत्तर प्रदेश की राजनीति में अन्य पिछड़ा वर्ग का महत्वपूर्ण स्थान हैं। समाजवादी नेता रामसेवक यादव के प्रमुख अनुयायी (शिष्य) थे तथा इनके आशीर्वाद से मुलायम सिंह 1967 में पहली बार विधान सभा के सदस्य चुने गये और मंत्री बने। 1992में उन्होंने समाजवादी पार्टी बनाई। वे तीन बार क्रमश: 5 दिसम्बर 1989 से 24 जनवरी 1991 तक, 5 दिसम्बर 1993 से 3 जून 1996 तक और 29 अगस्त 2003 से 11 मई 2007 तक उत्तर प्रदेश के मुख्य मन्त्री रहे। इसके अतिरिक्त वे केन्द्र सरकार में रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में यादव समाज के सबसे बड़े नेता के रूप में मुलायम सिंह की पहचान है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में मुलायम सिंह ने साहसिक योगदान किया।  उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी माना जाता है। उत्तर प्रदेश की सियासी दुनिया में मुलायम सिंह यादव को प्यार से नेता जी कहा जाता था।
2012 में समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला। यह पहली बार हुआ था कि उत्तर प्रदेश में सपा अपने बूते सरकार बनाने की स्थिति में थी।  अखिलेश यादव के विकास के वादों से प्रभावित होकर पूरे प्रदेश में उनको व्यापक जनसमर्थन मिला। चुनाव के बाद नेतृत्व का सवाल उठा तो नेताजी ने वरिष्ठ साथियों के विमर्श के बाद अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को 28 मई, 2012 को लंदन में ‘अंतर्राष्ट्रीय जूरी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।  मुलायम सिंह यादव  का जन्म : 22 नवम्बर 1939 को हुआ था।  वे मूलत: एक शिक्षक थे किन्तु शिक्षण कार्य छोड़कर वे राजनीति में आये तथा समाजवादी पार्टी बनायी।

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