प्लास्टिक के कप में डाली गई गर्म चाय कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा पैदा कर सकती है, लेकिन अपनी देसी कुल्हड़ आपको ऐसे किसी जोखिम में नहीं डालती बल्कि सेहत को लाभ पहुंचती है. ट्रेन के सफर में अक्सर आपने चाय-चाय आवाज लगाते हॉकर के हाथ में मिट्टी की कुल्हड़ देखी होगी, जिसमें गर्मागर्म चाय भर कर वह यात्रियों को परोसता है और यात्री भी इस चाय की चुस्की के साथ यात्रा का पूरा मजा लेते हैं. नुक्कड़ की दुकानों पर भी ये मिट्टी वाली कुल्हड़ नजर आ जाती है. इस कुल्हड़ में चाय पीने का अपना ही मजा है. इन माटी की कुल्हड़ों में चाय पीने का पूरा फील तो आता ही है, साथ ही ये केमिकल फ्री प्रोडक्ट आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद है. जी, हां प्लास्टिक के कप में डाली गई गर्म चाय कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा पैदा कर सकती है, लेकिन अपनी देसी कुल्हड़ आपको ऐसे किसी जोखिम में नहीं डालती बल्कि सेहत को लाभ पहुंचती है. आइए कुल्हड़ में चाय पीने के फायदों के बारे में जानते हैं. कुल्हड़ में चाय पीने के फायदे- 1. नेचुरल प्रोडक्ट मिट्टी वाले कुल्हड़ बिल्कुल प्राकृतिक होते हैं, इनमें किसी तरह का कोई केमिकल नहीं होता, ऐसे में इनमें चाय पीने से आपको किसी बीमारी का खतरा भी नहीं रहता. जबकि फोम या प्लास्टिक केमिकल युक्त होते हैं. 2. इंफेक्शन चाय की दुकानों में या ट्रेन में कुल्हड़ में चाय पीना आपको किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा सकता है. दरअसल, होता ये है कि जब आप शीशे के या प्लास्टिक के कप में चाय पीते हैं, तो इस बात की संभावना हो सकती है कि दुकानदार उसे साफ तरीके से न धोता हो, ऐसे में इंफेक्शन का खतरा हो सकता है, क्योंकि एक ही कप में कई लोग चाय पीते हैं. 3. घातक रोग से बचाए प्लास्टिक के कप में चाय पीना घातक रोगों को न्योता देने जैसा है. प्लास्टिक में गर्म चाय डालने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा रहता है, जबकि कुल्हड़ पूरी तरह नेचुरल है और इसके साथ ऐसा जोखिम नहीं होता. 4. गैस रखे दूर मिट्टी वाली कुल्हड़ में अल्कलाइन होता है जो पेट में गैस नहीं बनने देता. कुल्हड़ वाली चाय पीने से गैस या एसिडिटी की संभावना कम रहती है. .