यूनिक समय, नई दिल्ली। टोरोंटो के भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर खालिस्तान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान खालिस्तान का समर्थन करने वालों ने पीएम मोदी के पुतले पर थूका और जूते बरसाए। इतना ही नहीं उन्होंने भारतीय तिरंगा झंडा भी फूंका है। प्रदर्शनकारियों ने उत्तेजक नारेबाजी भी की है, इससे दोनों देशों के बीच का तनाव और बढ़ सकता है। पीएम जस्टिन ट्रूडो के बयान के बाद प्रदर्शन कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पीएम जस्टिन ट्रूडो ने ऐसा बयान दिया, जिससे तनाव बढ़ गया है। इसी बीच कनाडाई-खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया है। यह विरोध तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले पर थूक दिया और यहां तक ??कि भारतीय ध्वज भी जला डाला। https://twitter.com/MeghUpdates/status/1706384345232183363?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1706384345232183363%7Ctwgr%5Eae5d8af48038d61a7b8831e6214ba71a31ed6347%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.asianetnews.com%2Fworld-news%2Fpro-khalistanis-spit-smack-shoe-on-pm-modis-effigy-outside-totontos-indian-consulate-xadm%2Farticleshow-5gssck7 उस दौरान कनाडाई पुलिस वहां मौजूद रही। खालिस्तान समर्थक संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' के सदस्यों ने यह प्रदर्शन किया और खालिस्तानी झंडे लहराए गए। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। इस तरह की कार्रवाई से द्विपक्षीय संबंधों में तनाव और बढ़ गया है। खालिस्तान समर्थकों का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने खुले तौर पर पीएम मोदी के पुतले पर थूककर अपना गुस्सा प्रदर्शित किया है। यह भारतीय संस्कृति में बेहद अपमानजनक काम है। इसके बाद प्रदर्शनकारी यही नहीं रूके और तिरंगे झंडे तक को जला डाला, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। कनाडाई खालिस्तानी कनाडा से सभी भारतीय राजनयिकों के निष्कासन की मांग करते रहे। भारत-कनाडा विवाद पर श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने कहा कि कुछ आतंकवादियों को कनाडा में सुरक्षित ठिकाना मिल गया है। कनाडाई पीएम के पास कोई सबूत नहीं है, इसके बावजूद अपमानजनक आरोप लगाने का यह तरीका गलत है। उन्होंने श्रीलंका के लिए भी ऐसा किया है। वे कह चुके हैं कि श्रीलंका में नरसंहार हुआ है। यह भयानक और सरासर झूठ है। हर कोई जानता है कि हमारे देश में कोई नरसंहार नहीं हुआ। मुझे आश्चर्य नहीं है कि कभी-कभी पीएम ट्रूडो अपमानजनक और अप्रमाणित आरोपों के साथ सामने आते हैं।