29 जून से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को 8 दिन हो चुके हैं। अब तक 1 लाख 80 हजार शिवभक्तों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं। यात्रा से लौटे भक्तों ने बताया है कि बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए हैं। जिसके कारण भक्तों में मायूसी दिख रही है। अमरनाथ यात्रा शुरू हुए 8 ही दिन हुए हैं। लेकिन इसी बीच बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए हैं। बाबा बर्फानी के दर्शनों को आए श्रद्धालुओं में मायूसी है, पर उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जम्मू बेस कैंप पहुंच रहे हैं। अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के रूप में सुशोभित बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए हैं। अमरनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बाबा के अंतर्ध्यान होने की जानकारी दी है। जिससे उनके दर्शनों को जाने वाले शिवभक्तों में मायूसी दिख रही है। तीर्थयात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार पवित्र गुफा पर अब हिम शिवलिंग के दर्शन नहीं हो रहे हैं। 29 जून को अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक एक लाख 80 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में स्वनिर्मित शिवलिंग के दर्शन किए हैं। मौसम खराब होने के बाद यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। रविवार को मौसम ठीक होने के बाद पहलगाम और बालटाल से भक्तों का जत्था रवाना हुआ था। https://twitter.com/k_pundir/status/1809234965978288600?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1809234965978288600%7Ctwgr%5E86619e36fd2fc922100bae86aca6d700a488fd2d%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Findia%2Famarnath-yatra-2024-latest-update-shiva-bhakt-holy-cave-ice-shivling-baba-barfani-disappear-base-camp-jammu-kashmir-news%2F778207%2F जम्मू से भी एक और यात्रियों का जत्था रवाना किया गया था। इस जत्थे में 6145 यात्री शामिल थे। जो जम्मू के भगवती नगर से 238 वाहनों में रवाना किया गया था। वहीं, बालटाल से 2697 तीर्थयात्रियों को रविवार को 115 वाहनों के काफिले में रवाना किया गया। दूसरे काफिले में 3448 भक्तों को 123 वाहनों के काफिले में रवाना किया गया था। यात्रा को लेकर शिवभक्तों में गजब का उत्साह दिख रहा है। वहीं, यात्रियों का ई-रिक्शा चालकों से किराये को लेकर कुछ विवाद था। जो परिवहन विभाग के दखल के बाद हल हो गया है। चालक अब किराये के तौर पर 10 रुपये प्रति किलोमीटर वसूली कर सकेंगे। इससे पहले 5 किलोमीटर के सफर के लिए 200 रुपये तक वसूले जा रहे थे।