यूनिक समय, नई दिल्ली। पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस वर्ष पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी को पड़ रही है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। पुरानी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति एकादशी का व्रत कर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। इस वर्ष पुत्रदा एकादशी के दिन दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस संयोग में पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होगी। इस दिन ब्रह्म योग का शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में साल की पहली पौष पुत्रदा एकादशी अत्यंत ही शुभ और फलदायी है। इस एकादशी का व्रत संतान के लिए रखा जाता है। जो लोग संतान की चाह रखते हैं उन्हें पुत्रदा एकादशी का व्रत रखना चाहिए। जिन लोगों की पहले से संतान है तो वे ये व्रत करते हैं तो उनके संतान का जीवन सुखी रहता है। पौष माह के कृष्ण पक्ष की पुत्रदा एकादशी तिथि का आरंभ 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 10 जनवरी को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। एकादशी का व्रत 10 जनवरी 2025 को रखा जाएगा। व्रत पारण अगले दिन 11 जनवरी 2025 को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।