यूनिक समय, नई दिल्ली। होली का पर्व आस्था, उल्लास और रंगों का प्रतीक है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, होली खेलते वक्त यदि व्यक्ति अपनी राशि के अनुरूप रंगों का चयन करता है तो यह उसे और उसके परिवार को सौभाग्य की प्राप्ति में सहायक होता है। साथ ही, इस प्रकार के रंगों का चयन नकारात्मकता को भी दूर करता है। ज्योतिष विद्वान बनवारी लाल गौड़ के अनुसार, विभिन्न राशियों के जातकों के लिए रंगों का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। मेष राशि: लाल, सफेद, पीला, केसरिया वृषभ राशि: सफेद, गुलाबी, हरा, बैंगनी मिथुन राशि: नीला, हरा कर्क राशि: गुलाबी, सिंदूरी, सफेद सिंह राशि: पीला, लाल, नारंगी कन्या राशि: हरा, नीला, पीला तुला राशि: सफेद, हरा, नीला वृश्चिक राशि: केसरिया, गुलाबी धनु राशि: पीला, हरा, गुलाबी मकर राशि: नीला, हरा कुम्भ राशि: नीला, हरा, जामुनी मीन राशि: लाल, पीला, गुलाबी ज्योतिष विद्वान बनवारी लाल गौड़ का सुझाव है कि होली खेलते वक्त सबसे पहले भगवान, माता-पिता और गुरु के चरणों में रंग अर्पित करें। इसके बाद होली खेलने से शांति और सौभाग्य का वास होता है। इसके साथ ही टेसू के फूलों से बने रंगों का उपयोग विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति लाने में सहायक होते हैं।