
यूनिक समय, नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अमेरिका पर निशाना साधा और चेतावनी दी कि अमेरिका का भारत और चीन पर रूस के साथ ऊर्जा संबंध खत्म करने के लिए दबाव डालना उल्टा असर डाल सकता है।
अमेरिका की नीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क (टैरिफ) लगाता है, तो इससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी। हाल ही में अमेरिका ने भारत के निर्यात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जिससे यह टैक्स बढ़कर 50% हो गया है।
भारत और चीन पर पुतिन का भरोसा
रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि, “भारत और चीन अपने साथ अपमान नहीं होने देंगे।” उन्होंने भारत के संदर्भ में कहा कि अगर भारत रूस से ऊर्जा खरीदना बंद करता है, तो उसे नुकसान होगा, लेकिन भारत की जनता और नेतृत्व ऐसा कभी नहीं होने देंगे।पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे।
अमेरिका की दोहरी नीति पर सवाल
पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन बाकी देशों को रूसी ऊर्जा से दूर रहने के लिए कहता है।
अमेरिका की लगातार आलोचना
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार भारत की आलोचना कर रहा है कि वह रूस से तेल खरीद रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों ने भी भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को “टैरिफ का महाराजा” तक कहा था और पीएम मोदी पर पुतिन और शी जिनपिंग के करीब होने का आरोप लगाया था।
पुतिन पहले भी अमेरिका को चेता चुके हैं कि भारत और चीन से औपनिवेशिक दौर जैसी भाषा में बात नहीं की जा सकती क्योंकि “अब “उपनिवेशवाद का युग समाप्त हो चुका है। भारत और चीन जैसी प्राचीन सभ्यताएँ किसी भी अल्टीमेटम के आगे नहीं झुकेंगी।” रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी कहा कि भारत और चीन जैसे देश कभी भी अमेरिकी दबाव स्वीकार नहीं करेंगे।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें: Breaking News: पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का 89 वर्ष की आयु में निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक
Leave a Reply