
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने राज्य के दो बड़े नगर निगम—बरेली और कानपुर—में शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹582.74 करोड़ की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि ये परियोजनाएं अटल नवीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन-अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत की गई हैं और ये दोनों शहरों की लाखों आबादी को स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगी।
बरेली में ₹265.95 करोड़ की पुनर्गठन परियोजना
बरेली नगर निगम में पेयजल प्रणाली को नए सिरे से विकसित करने के लिए फेज-1 पुनर्गठन परियोजना को ₹26,595.46 लाख की स्वीकृति मिली है। योगी कैबिनेट की इस परियोजना में भारत सरकार का हिस्सा ₹8,530.96 लाख, राज्य सरकार का ₹14,504.95 लाख और नगर निगम का अंश ₹2,559.55 लाख शामिल है। परियोजना पूरी होने पर बरेली की लगभग 92% आबादी, यानी लगभग 9 लाख लोग, नियमित और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति से कवर हो जाएंगे, जिससे जल संकट दूर होगा।
कानपुर में ₹316.78 करोड़ की पाइपलाइन विस्तार परियोजना
कानपुर नगर निगम क्षेत्र के ईस्ट और साउथ सर्विस डिस्ट्रिक्ट में 100% आबादी तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन विस्तार परियोजना को ₹31,678.88 लाख की मंजूरी मिली है। इसमें भारत सरकार का योगदान ₹7,610.32 लाख, राज्य सरकार का ₹18,264.77 लाख और नगर निगम का हिस्सा ₹4,566.19 लाख है।
इस परियोजना से कानपुर शहर के 33 वार्डों को सीधा लाभ मिलेगा। ईस्ट और साउथ जोन की पूरी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे जलजनित रोगों में भी भारी कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि अमृत 2.0 के तहत किया गया यह बड़ा निवेश शहरी बुनियादी ढांचे को न केवल आधुनिक और विश्वसनीय बनाएगा, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार लाएगा।
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