
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे ने एक नया अध्याय लिख दिया है। गुरुवार को जापान के यामानाशी प्रांत और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ। इस समझौते के तहत न केवल यूपी में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश के मेधावी छात्रों को जापान में उच्चस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण भी प्राप्त होगा।
ग्रीन हाइड्रोजन और रोबोटिक्स
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में आयोजित ‘यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो’ के दौरान वैश्विक निवेशकों के समक्ष उत्तर प्रदेश की नई और महत्वाकांक्षी विकास नीति को प्रमुखता से साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक का व्यापक उपयोग प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन, भारी उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र में किया जाएगा, जो प्रधानमंत्री मोदी के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
इसके साथ ही, रोबोटिक्स को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार इसके विकास और अनुसंधान के लिए एक अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर रही है, ताकि प्रदेश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल की वैश्विक चर्चा
जापान में निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधारों का विशेष रूप से उल्लेख किया और बताया कि कैसे प्रदेश ने शासन की कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ यानी समस्या आने पर प्रतिक्रिया देने के बजाय ‘प्रोएक्टिव’ बनाकर भविष्य की जरूरतों को समय से पहले भांपने वाला मॉडल अपनाया है।
उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि इसी दूरगामी सोच के कारण पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और कुल जीडीपी को तीन गुना तक बढ़ाने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। 25 करोड़ की विशाल आबादी, देश की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर मानव संसाधन के अनूठे संगम के कारण उत्तर प्रदेश अब वैश्विक पटल पर निवेश के लिए दुनिया का सबसे आकर्षक और विश्वसनीय गंतव्य बनकर उभरा है।
टोक्यो में निवेश की धूम
टोक्यो में आयोजित व्यापारिक सम्मेलनों के दौरान उत्तर प्रदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कई महत्वपूर्ण जी2जी (सरकार से सरकार) और जी2बी (सरकार से बिजनेस) बैठकें कीं, जिनमें निवेश को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस सफल दौरे के पहले ही दिन विभिन्न प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के मेगा निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए, जो प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को एक नई गति प्रदान करेंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर यामानाशी के राज्यपाल कोटारो नागासाकी और जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक के साथ-साथ यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने अपनी प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराई और निवेशकों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
यह दौरा दिसंबर 2024 में यामानाशी के राज्यपाल की यूपी यात्रा का फॉलोअप है। सीएम ने कहा कि दोनों सरकारों के बीच निरंतर संवाद का ही परिणाम है कि आज तकनीक और निवेश के क्षेत्र में हम इतने करीब आए हैं। यह साझेदारी भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply