
यूनिक समय, नई दिल्ली। दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस समय पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़े हैं। दशकों से चले आ रहे डूरंड लाइन विवाद और सीमा पार तनाव ने अब एक भीषण सैन्य टकराव का रूप ले लिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगान बलों ने अपनी हवाई सीमा का उल्लंघन कर रहे पाकिस्तान के एक अत्याधुनिक F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है, जिसके जलते हुए मलबे के वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहे हैं।
आधी रात को दहला काबुल
शुक्रवार तड़के पाकिस्तान ने अपनी हवाई सीमाओं को लांघकर अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों—काबुल, कंधार और पक्तिका में भीषण बमबारी की, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है। पाकिस्तान ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ का नाम दिया है और सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि इस जवाबी प्रहार में अफगान सेना के दो महत्वपूर्ण ब्रिगेड मुख्यालयों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। राजधानी काबुल में हुए तीन बड़े और शक्तिशाली धमाकों की आवाज से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई है और इस अप्रत्याशित हमले ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
अफगानिस्तान का प्रचंड पलटवार
अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को पुरानी शत्रुता का परिणाम बताते हुए इसे अफगानिस्तान का प्रचंड पलटवार करार दिया है। अफगान सेना ने दावा किया है कि इस भीषण जमीनी संघर्ष में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और कई जवानों को युद्धबंदी के रूप में हिरासत में ले लिया गया है। सैन्य कार्रवाई को और तेज करते हुए अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की 19 अग्रिम चौकियों और 2 महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों को भारी बमबारी कर मलबे में तब्दील कर दिया है। वर्तमान में डूरंड लाइन के पास अफगान सेना ने बड़े पैमाने पर ‘ऑफेंसिव ऑपरेशन’ शुरू कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
दावों का दौर और नागरिक त्रासदी
दोनों देशों के बीच जारी इस खूनी संघर्ष के बीच दावों और प्रति-दावों का दौर भी तेज हो गया है, जहाँ पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने अफगान दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके केवल दो सैनिक शहीद हुए हैं, जबकि पाकिस्तान के जवाबी प्रहार में 133 अफगान लड़ाके मारे गए हैं। सीमा पर जारी इस भीषण गोलाबारी की सबसे दर्दनाक मार आम नागरिकों पर पड़ रही है, जिसका प्रमाण तोरखम सीमा के पास देखने को मिला जहाँ एक अफगान शरणार्थी शिविर पर मिसाइल गिरने से महिलाओं और बच्चों सहित 13 निर्दोष नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बिगड़ते मानवीय संकट और युद्ध की आहट पर गहरी वैश्विक चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पड़ोसी देशों से तत्काल युद्ध रोकने और विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने की पुरजोर अपील की है।
विवाद की जड़
दोनों देशों के बीच तनाव की मुख्य वजह 2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन है। अफगानिस्तान इस ब्रिटिशकालीन सीमा को आधिकारिक मान्यता नहीं देता है। हाल के महीनों में टीटीपी (TTP) के हमलों और सीमा विवाद ने कतर की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
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