IndW vs AusW: सीरीज गंवाने के बाद हरमनप्रीत कौर का फूटा गुस्सा; ‘हम वही गलतियां बार-बार दोहरा रहे हैं’

Harmanpreet Kaur expressed her anger after losing the series

यूनिक समय, नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में लगातार दूसरी हार और सीरीज हाथ से निकलने के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का दर्द छलक पड़ा है। टी20 सीरीज 2-1 से जीतने के बाद भारतीय टीम से उम्मीद थी कि वह वनडे में भी कंगारुओं को कड़ी टक्कर देगी, लेकिन होबार्ट में खेले गए दूसरे मुकाबले में 5 विकेट की करारी शिकस्त ने टीम इंडिया की कमियों को उजागर कर दिया है।

300 का लक्ष्य था, पर 251 पर ही सिमटी उम्मीदें

होबार्ट के मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिसे कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद स्वीकार करते हुए बताया कि टीम की रणनीति कुछ और थी। कप्तान के अनुसार, पिच बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थी और इसी को देखते हुए भारतीय टीम ने 300 से अधिक रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किया था।

हालांकि, एक अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाजों द्वारा अहम मौकों पर विकेट गंवाने के कारण टीम का पतन हुआ और भारतीय पारी 50 ओवरों में केवल 251 रनों के स्कोर पर ही सिमट गई। इस छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने अपना दबदबा कायम रखा और महज 5 विकेट खोकर आसानी से जीत हासिल करते हुए सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

कप्तान की दो टूक

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम की बल्लेबाजी इकाई पर कड़े सवाल उठाते हुए दो टूक शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त की है। मैच प्रेजेंटेशन के दौरान उन्होंने टीम की कमियों को उजागर करते हुए कहा कि खिलाड़ी बल्लेबाजी में वही पुरानी गलतियां लगातार दोहरा रहे हैं जो पिछले मैचों में भी हार का कारण बनी थीं। हरमनप्रीत ने विशेष रूप से बीच के ओवरों में विकेट गंवाने को टीम के लिए सबसे बड़ी कमजोरी बताया और जोर देकर कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल करनी है, तो बल्लेबाजी क्रम में निरंतरता और जिम्मेदारी लाना अनिवार्य होगा।

हार में भी उम्मीद की किरण

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली इस बड़ी हार के बावजूद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन में कुछ सकारात्मक पहलू तलाशने की कोशिश की है, ताकि आगामी मुकाबलों के लिए मनोबल बना रहे। हरमनप्रीत ने खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि हार के बीच भी कुछ खिलाड़ी व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी लेते हुए खुद को साबित करने का प्रयास कर रही हैं, जिसे वे टीम के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत मानती हैं। कप्तान का यह भी दृढ़ विश्वास है कि यदि भारतीय बल्लेबाजी विभाग अपनी लय हासिल कर लेता है, तो टीम की गेंदबाजी इकाई दुनिया के किसी भी चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव करने और मैच जिताने में पूरी तरह सक्षम है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 1 मार्च को इसी होबार्ट के मैदान पर खेला जाएगा। टीम इंडिया की कोशिश होगी कि वह इस मैच को जीतकर क्लीन स्वीप से बचे और दौरे के अगले चरण (टेस्ट मैच) के लिए खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पाए।

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