
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शुमार कानपुर सेंट्रल को शुक्रवार शाम बम से उड़ाने की धमकी भरी कॉल ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए। कंट्रोल रूम को मिली सूचना में दावा किया गया कि शाम ठीक सात बजे स्टेशन पर सब कुछ खत्म हो जाएगा। इस सनसनीखेज कॉल के बाद पूरे स्टेशन परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
शाम 7 बजे का ‘अल्टीमेटम’ और सुरक्षा घेरा
कानपुर सेंट्रल स्टेशन को शाम 7 बजे बम से उड़ाने का ‘अल्टीमेटम’ मिलते ही कमिश्नरी पुलिस के कंट्रोल रूम में हड़कंप मच गया, जिसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां तत्काल एक्शन मोड में आ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस, आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP), बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीमों ने पूरे स्टेशन परिसर में मोर्चा संभाल लिया और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के नेतृत्व में एलआईयू और खुफिया विभाग ने प्लेटफॉर्मों, फुट ओवरब्रिज, वेटिंग एरिया, यात्री विश्राम कक्ष और टिकट काउंटरों की चप्पे-चप्पे पर बारीकी से जांच की। इस आपात स्थिति के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच दहशत का माहौल रहा, जिन्हें किसी भी लावारिस वस्तु को न छूने की सख्त हिदायत दी गई और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की गई।
कॉल करने वाला युवक हिरासत में
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से धमकी भरी कॉल करने वाले युवक को तेजी से ट्रेस कर हिरासत में ले लिया है, जिससे इस गंभीर मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल आरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें हिरासत में लिए गए युवक से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि धमकी के पीछे की असली मंशा का पता लगाया जा सके।
पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी सफाई में दावा किया है कि उसका मोबाइल फोन बीती 24 फरवरी को ही चोरी हो गया था और उसे इस कॉल के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अब इस दावे की वैज्ञानिक तरीके से सच्चाई परख रही है कि क्या कॉल वाकई उसी ने की थी या फिर उसके चोरी हुए फोन का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने दहशत फैलाने के लिए किया था।
रेलवे स्टेशन पर हाई-टेक सुरक्षा की तैयारी
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर बम की धमकी जैसी घटनाओं के बीच रेलवे सुरक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। स्टेशन परिसर में अब फेस रिकग्निशन सिस्टम (Face Recognition System) लागू किया जा रहा है, जिससे संदिग्धों और वांछित अपराधियों की पहचान केवल उनके चेहरे के माध्यम से ही संभव हो सकेगी।
इस अत्याधुनिक तकनीक के लिए स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों सहित संवेदनशील स्थानों पर हाई-टेक कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो सीधे पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे। रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस की यह सख्ती हाल ही में हुई कुछ गंभीर घटनाओं, जैसे स्टेशन से दो साल की मासूम बच्ची की चोरी और उसे टूंडला में बरामद किए जाने के बाद देखी जा रही है। इन हाई-टेक सुरक्षा उपायों का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराधों पर लगाम लगाना है, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित और भयमुक्त यात्रा का वातावरण प्रदान करना भी है।
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