
यूनिक समय, नई दिल्ली। मार्च के महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर और पश्चिम भारत जहां समय से पहले भीषण गर्मी की चपेट में आ गए हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों और पूर्वी भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बारिश और ओलावृष्टि का संकट मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ने वाला है।
भीषण गर्मी और लू का अलर्ट
देश के मैदानी इलाकों में सूरज ने अपने तेवर दिखने शुरू कर दिए है जिससे तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है और इसी कारण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान, गुजरात व विदर्भ के क्षेत्रों में लू (Heatwave) चलने की गंभीर आशंका जताई है। 11 मार्च तक उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पारा सामान्य से 4-6°C अधिक रह सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप समय से पहले ही बढ़ गया है। मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भी गर्मी का असर देखा जा रहा है, जहाँ तापमान सामान्य से 5-7°C ऊपर बना हुआ है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ अधिकतम तापमान 34°C से 39°C के बीच रहने का अनुमान है और अगले 4 दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में गर्मी अपनी तपिश बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 10 से 12 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश होने की भी संभावना है। उत्तराखंड में भी राहत के आसार कम हैं, क्योंकि वहां 15 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।
इसके अलावा, मैदानी और पूर्वी राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 10 और 11 मार्च को गरज के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल में भी 10 मार्च को बिजली कड़कने के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान जताया गया है।
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